JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

POLITY · 2013

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों में से कौन सही नहीं है?

A.

संविधान संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित होना चाहिये।

B.

सर्वोच्च न्यायालय में संविधान सम्बन्धी मामलों की सुनवाई कम से कम पाँच न्यायाधीशों द्वारा की जाती है।

C.

प्रेस की स्वतंत्रता, मूलाधिकार-वाक् स्वातंत्र्य और अभिव्यक्ति स्वातंत्र्य में सम्मिलित है।

D.

जाकिर हुसैन भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति थे।

Correct Answer: D

Detailed Solution

कथन (d) सही नहीं है। भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे। उन्होंने 13 मई 1952 से 12 मई 1962 तक उपराष्ट्रपति के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए। डॉ. जाकिर हुसैन इसके बाद 13 मई 1962 से 12 मई 1967 तक उपराष्ट्रपति रहे। इसलिए उन्हें प्रथम उपराष्ट्रपति कहना गलत है।

कथन (a) सही है। संविधान के अनुच्छेद 368 के अनुसार Constitution Amendment Bill को संसद के प्रत्येक सदन में अलग-अलग पारित होना आवश्यक है। इसके लिए सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है। दोनों सदनों में मतभेद होने पर Constitution Amendment Bill के लिए joint sitting का प्रावधान नहीं है।

कथन (b) प्रश्न के आशय में सही है। अधिक सटीक संवैधानिक भाषा यह है कि अनुच्छेद 145(3) के अनुसार संविधान की व्याख्या से संबंधित substantial question of law वाले मामले को तय करने के लिए कम-से-कम पाँच न्यायाधीशों की पीठ आवश्यक है। इसलिए हर ऐसे मामले को जिसमें केवल संविधान का उल्लेख हो, पाँच न्यायाधीशों की आवश्यकता नहीं होती; substantial constitutional interpretation होना चाहिए।

कथन (c) भी सही है। संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) में “freedom of press” अलग शब्दों में नहीं लिखा गया है, लेकिन Supreme Court ने स्पष्ट किया है कि freedom of press, freedom of speech and expression का अभिन्न भाग है। इसमें publication के साथ circulation की स्वतंत्रता भी शामिल है।

यहाँ व्यक्तियों का क्रम विशेष रूप से याद रखें—डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन प्रथम उपराष्ट्रपति, जबकि डॉ. जाकिर हुसैन दूसरे उपराष्ट्रपति थे और बाद में भारत के राष्ट्रपति बने।

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