Previous Year Question
संविधान के अन्तर्गत उच्चतम न्यायालय से विधि के प्रश्न पर राय लेने का अधिकार किसको है ?
राष्ट्रपति को
कोई भी हाईकोर्ट को
प्रधानमंत्री को
उपरोक्त में सभी को
Correct Answer: A
Detailed Solution
सही उत्तर राष्ट्रपति है। संविधान का अनुच्छेद 143 राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से उसकी सलाहकारी अधिकारिता (Advisory Jurisdiction) के अंतर्गत राय प्राप्त करने की शक्ति देता है। यदि राष्ट्रपति को लगे कि विधि या तथ्य का कोई प्रश्न उत्पन्न हुआ है या उत्पन्न होने की संभावना है, जो पर्याप्त सार्वजनिक महत्व का है, तो वह उस प्रश्न को उच्चतम न्यायालय के विचार के लिए भेज सकता है।
इसलिए यह शक्ति केवल “विधि के प्रश्न” तक बहुत संकीर्ण अर्थ में सीमित नहीं है; संविधान की वास्तविक भाषा question of law or fact है। शर्त यह है कि प्रश्न की प्रकृति और सार्वजनिक महत्ता ऐसी हो कि उच्चतम न्यायालय की राय प्राप्त करना समीचीन हो।
अनुच्छेद 143(1) के अंतर्गत संदर्भ मिलने पर उच्चतम न्यायालय आवश्यक सुनवाई के बाद राष्ट्रपति को अपनी राय दे सकता है। यह सामान्य civil या criminal appeal नहीं है, बल्कि राष्ट्रपति द्वारा मांगी गई संवैधानिक सलाह है। उच्चतम न्यायालय ने भी Article 143 के अंतर्गत मामलों को अपनी advisory jurisdiction के रूप में वर्णित किया है।
प्रधानमंत्री या कोई उच्च न्यायालय स्वयं अनुच्छेद 143 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय से ऐसी राय नहीं मांग सकता। संवैधानिक अधिकार राष्ट्रपति को दिया गया है। इसलिए विकल्प (b), (c) और परिणामतः (d) गलत हैं।
एक targeted fact यह है कि अनुच्छेद 143(2) राष्ट्रपति को अनुच्छेद 131 के proviso में वर्णित कुछ प्रकार के विवाद भी उच्चतम न्यायालय की राय के लिए भेजने की अनुमति देता है। इस स्थिति में संविधान कहता है कि न्यायालय सुनवाई के बाद राष्ट्रपति को अपनी राय देगा।