Previous Year Question
किस सदन के सदस्यों द्वारा बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर मंत्रि-परिषद को त्यागपत्र देना पड़ेगा ?
लोक सभा के
राज्य सभा के
दोनों सदनों के अलग-अलग
दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में
Correct Answer: A
Detailed Solution
सही उत्तर लोक सभा है। संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार संघ की मंत्रि-परिषद लोक सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। इसलिए यदि लोक सभा अविश्वास प्रस्ताव पारित कर देती है, तो इसका अर्थ है कि सरकार ने सदन का विश्वास खो दिया है और मंत्रि-परिषद को पद छोड़ना पड़ता है।
लोक सभा में अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया Rule 198 के अंतर्गत निर्धारित है। प्रस्ताव केवल पूरी मंत्रि-परिषद के विरुद्ध होता है, किसी एक मंत्री के विरुद्ध नहीं। प्रस्ताव को चर्चा के लिए स्वीकार कराने हेतु प्रारंभिक चरण में कम-से-कम 50 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।
यहाँ 50 सदस्यों का समर्थन प्रस्ताव को स्वीकार कराने के लिए है, उसे पारित करने के लिए नहीं। प्रस्ताव पर निर्णय होने के समय सामान्य संवैधानिक नियम के अनुसार सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के बहुमत से प्रश्न तय होता है। इसलिए “majority” को कुल सदस्य संख्या के अनिवार्य बहुमत के रूप में नहीं समझना चाहिए।
राज्य सभा सरकार को अविश्वास प्रस्ताव द्वारा पद से नहीं हटा सकती, क्योंकि मंत्रि-परिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व लोक सभा के प्रति है। राज्य सभा सरकार की नीतियों पर चर्चा और आलोचना कर सकती है, लेकिन सरकार के अस्तित्व का प्रश्न लोक सभा के विश्वास से जुड़ा है।
एक और उपयोगी तथ्य है कि अविश्वास प्रस्ताव में कारण बताना आवश्यक नहीं होता। इसका केंद्रीय प्रश्न केवल इतना है कि क्या लोक सभा को वर्तमान मंत्रि-परिषद पर विश्वास है या नहीं।