Previous Year Question
संसद राज्य सूची के विषय के संबंध में कानून बना सकती है ?
राष्ट्रपति की इच्छा से
यदि राज्य सभा ऐसा संकल्प पारित करती है।
किसी भी परिस्थिति में
सम्बन्धित राज्य के विधानमंडल से पूछ कर
Correct Answer: B
Detailed Solution
सही उत्तर (b) है। संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में राज्य सूची के किसी विषय पर संसद का कानून बनाना आवश्यक या समीचीन है, तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।
ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष तक प्रभावी रह सकता है। राज्य सभा उसी प्रकार नया संकल्प पारित करके इसकी अवधि को एक बार में एक-एक वर्ष के लिए आगे बढ़ा सकती है। इसलिए यह संसद को राज्य सूची पर स्थायी सामान्य शक्ति नहीं देता, बल्कि विशेष संवैधानिक परिस्थिति में शक्ति प्रदान करता है।
अनुच्छेद 249 के आधार पर बनाया गया कानून संकल्प की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद समाप्त नहीं होता। जिस सीमा तक संसद सामान्यतः उस विषय पर कानून बनाने में सक्षम नहीं होती, उस सीमा तक ऐसा कानून संकल्प समाप्त होने के छह महीने बाद प्रभावहीन हो जाता है; पहले किए गए कार्य इससे प्रभावित नहीं होते।
विकल्प (d) को सावधानी से समझना चाहिए। केवल संबंधित राज्य के विधानमंडल से “पूछ लेना” पर्याप्त नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 252 के अंतर्गत दो या अधिक राज्यों की विधानसभाओं द्वारा विधिवत संकल्प पारित किए जाने पर संसद उन राज्यों के लिए राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है। इसलिए प्रश्न में दिया गया विकल्प (d) संवैधानिक स्थिति को सही रूप में व्यक्त नहीं करता।
राज्य सूची पर संसद की शक्ति केवल अनुच्छेद 249 तक सीमित नहीं है। उदाहरण के लिए राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 250, दो या अधिक राज्यों की सहमति से अनुच्छेद 252, तथा अंतरराष्ट्रीय समझौते लागू करने के लिए अनुच्छेद 253 के अंतर्गत भी संसद को विशेष परिस्थितियों में ऐसी विधायी शक्ति प्राप्त हो सकती है।