Previous Year Question
कथन (A) : भारत के पश्चिमी तट की नदियाँ डेल्टा का निर्माण नहीं करती हैं।
कारण (R) : वे अपेक्षाकृत कठोर चट्टानों पर छोटे मार्ग से होकर बहती हैं।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
A और R दोनों सही हैं, परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
A सही है, परन्तु R गलत है।
A गलत है, परन्तु R सही है।
Correct Answer: A
Detailed Solution
भारत का पश्चिमी तटीय मैदान अपेक्षाकृत संकरा है और पश्चिमी घाट कई स्थानों पर तट के काफी निकट स्थित हैं। इसलिए पश्चिमी घाट से पश्चिम की ओर बहने वाली अधिकांश नदियों का समुद्र तक का मार्ग छोटा और तीव्र ढाल वाला होता है।
इन नदियों का बड़ा भाग प्रायद्वीपीय भारत की पुरानी तथा अपेक्षाकृत कठोर चट्टानों वाले क्षेत्र से होकर बहता है। छोटा course और कठोर चट्टानें होने के कारण इनके द्वारा लाया गया sediment सामान्यतः बड़े पूर्ववाहिनी नदी तंत्रों की तुलना में कम होता है।
साथ ही पश्चिमी तट की नदियाँ तीव्र ढाल के कारण अपेक्षाकृत तेज गति से अरब सागर तक पहुँचती हैं। नदी-मुख पर पर्याप्त मात्रा में sediment का निक्षेप न होने के कारण यहाँ बड़े delta विकसित नहीं होते।
इसके विपरीत पूर्वी तटीय मैदान चौड़ा और comparatively gentle slope वाला है। महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी लंबी पूर्ववाहिनी नदियाँ बड़ी मात्रा में sediment लाकर बंगाल की खाड़ी के तट पर विशाल deltas बनाती हैं।
एक useful distinction यह है कि पश्चिम की ओर बहने वाली प्रमुख नदियाँ नर्मदा और ताप्ती भी delta के स्थान पर estuaries बनाती हैं।