JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2025

Previous Year Question

निम्नलिखित विद्रोहों पर विचार कीजिए तथा इन्हें सही कालक्रमानुसार क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

  1. पबना

  2. नील

  3. कूका

  4. संन्यासी

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :

A.

4, 3, 2, 1

B.

3, 4, 1, 2

C.

3, 4, 2, 1

D.

4, 2, 3, 1

Correct Answer: D

Detailed Solution

4. संन्यासी विद्रोह — 1763–1800: इसका मुख्य क्षेत्र बंगाल था और इसमें हिन्दू संन्यासियों तथा मुस्लिम फकीरों की भागीदारी रही। 1770 के बंगाल अकाल, ईस्ट इंडिया कम्पनी की राजस्व नीतियों और परम्परागत धार्मिक गतिविधियों पर पड़े प्रभाव ने संघर्ष को और तीव्र किया।

2. नील विद्रोह — 1859–60: बंगाल में किसानों ने यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा जबरन नील की खेती कराए जाने का विरोध किया। विद्रोह की शुरुआत 1859 में विशेष रूप से नदिया क्षेत्र में हुई और बाद में यह अन्य नील उत्पादक जिलों में फैल गया। इसके बाद सरकार ने 1860 में Indigo Commission नियुक्त किया।

3. कूका विद्रोह — 1871–72: कूका अथवा Namdhari Movement की जड़ें इससे पहले की थीं, लेकिन प्रश्न में विद्रोह/outbreak के कालक्रम के लिए 1871–72 का चरण महत्वपूर्ण है। 1871 में संघर्ष तेज हुआ और जनवरी 1872 में Malodh तथा Malerkotla पर कूका हमले हुए। इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने आंदोलन का कठोर दमन किया।

1. पबना विद्रोह — 1873: बंगाल के पबना जिले में किसानों ने जमींदारों द्वारा अवैध लगान वृद्धि, अतिरिक्त उपकर और occupancy rights के उल्लंघन का विरोध किया। मई 1873 में Agrarian League गठित हुई और आंदोलन मुख्यतः कानूनी तथा संगठित प्रतिरोध के रूप में आगे बढ़ा।

यहाँ एक useful distinction है—Namdhari/Kuka धार्मिक-सामाजिक आंदोलन का आरम्भ पहले हो चुका था, लेकिन Kuka विद्रोह का सक्रिय सशस्त्र चरण 1871–72 माना गया है। इसी आधार पर यह नील विद्रोह के बाद और पबना आंदोलन से पहले आता है।

अतः सही क्रम है—संन्यासी → नील → कूका → पबना।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.