Previous Year Question
भारतीय इतिहास के संदर्भ में वायकोम सत्याग्रह के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ?
यह अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध एक सत्याग्रह था।
महात्मा गांधी ने इस सत्याग्रह में भाग लिया था।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1 न ही 2
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन 1 सही है। वायकोम सत्याग्रह 1924–25 में तत्कालीन त्रावणकोर राज्य के वायकोम में चलाया गया था। इसका प्रमुख उद्देश्य अस्पृश्यता और जातिगत भेदभाव के कारण तथाकथित निम्न जातियों पर लगाए गए सार्वजनिक मार्गों के प्रतिबंध को समाप्त करना था।
वायकोम महादेव मंदिर के आसपास की कुछ सड़कों पर दलित और अन्य वंचित समुदायों के लोगों को चलने की अनुमति नहीं थी। इसके विरोध में 30 मार्च 1924 को अहिंसक सत्याग्रह प्रारंभ हुआ।
इस आंदोलन से टी. के. माधवन, के. पी. केशव मेनन, के. केलप्पन, मन्नथ पद्मनाभन और ई. वी. रामासामी (पेरियार) जैसे नेता जुड़े। आंदोलन ने जाति-आधारित सामाजिक प्रतिबंधों को एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक और राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया।
कथन 2 भी UPPSC के संदर्भ में सही है। महात्मा गांधी ने आंदोलन को समर्थन दिया और 9 मार्च 1925 को वायकोम पहुँचे। उन्होंने सत्याग्रहियों, रूढ़िवादी नेताओं और त्रावणकोर प्रशासन से बातचीत करके समाधान निकालने का प्रयास किया।
इसी यात्रा के दौरान 12 मार्च 1925 को शिवगिरि में गांधीजी और श्री नारायण गुरु के बीच ऐतिहासिक वार्ता हुई, जिसमें वायकोम सत्याग्रह, अस्पृश्यता और सामाजिक समानता जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
यहाँ एक distinction उपयोगी है—गांधीजी 30 मार्च 1924 को सत्याग्रह शुरू करने वाले पहले जत्थे के सदस्य नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने आंदोलन में सक्रिय हस्तक्षेप, बातचीत और समझौते के प्रयास किए। इसी अर्थ में UPPSC ने कथन 2 को सही माना है।
अंततः 23 नवंबर 1925 को सत्याग्रह समाप्त हुआ। समझौते के परिणामस्वरूप मंदिर के आसपास की उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की सार्वजनिक सड़कें सभी जातियों के लिए खोल दी गईं, जबकि पूर्वी मार्ग तत्काल नहीं खोला गया।