Previous Year Question
निम्नलिखित नेताओं में से कौन द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया था ?
एम. के. गाँधी
सरोजिनी नायडु
पंडित मदन मोहन मालवीय
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
Correct Answer: D
Detailed Solution
द्वितीय गोलमेज सम्मेलन 7 सितंबर 1931 को लंदन में प्रारम्भ हुआ था। इसका आयोजन भारत के भावी संवैधानिक ढाँचे पर ब्रिटिश सरकार और विभिन्न भारतीय प्रतिनिधियों के बीच विचार-विमर्श के लिए किया गया था।
गांधी-इरविन समझौते, मार्च 1931 के बाद कांग्रेस ने इस सम्मेलन में भाग लेने का निर्णय लिया। महात्मा गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में सम्मेलन में शामिल हुए।
सरोजिनी नायडु और पंडित मदन मोहन मालवीय भी द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में उपस्थित थे, लेकिन वे अपनी व्यक्तिगत क्षमता में शामिल हुए थे। इसलिए विकल्प (a), (b) और (c), तीनों सम्मेलन से संबंधित हैं।
सम्मेलन में डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, आगा खान, मोहम्मद अली जिन्ना तथा भारतीय रियासतों के प्रतिनिधियों सहित अनेक अन्य भारतीय प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
सम्मेलन में विशेष रूप से भारत की संघीय संरचना, अल्पसंख्यकों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पृथक निर्वाचक मंडलों से संबंधित प्रश्नों पर गंभीर मतभेद सामने आए। कांग्रेस और विभिन्न सामुदायिक प्रतिनिधियों के बीच सहमति न बन पाने के कारण सम्मेलन किसी निर्णायक संवैधानिक समझौते तक नहीं पहुँच सका।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया था।