Previous Year Question
गांधीजी को ‘वन मैन बाऊँडरी फोर्स’ कहकर किसने सम्बोधित किया ?
चर्चिल ने
एटली ने
माउण्टबैटन ने
साइमन ने
Correct Answer: C
Detailed Solution
भारत के विभाजन के समय 1947 में बंगाल और पंजाब में व्यापक सांप्रदायिक तनाव था। पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सैनिक तैनात किए गए थे, जबकि गांधीजी उस समय कलकत्ता में हिन्दू-मुस्लिम शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे।
अगस्त 1947 में गांधीजी Beliaghata, Calcutta में रहकर विभिन्न समुदायों के नेताओं और आम लोगों से लगातार मिल रहे थे। उनके प्रयासों से स्वतंत्रता के समय कलकत्ता में अपेक्षाकृत शांति बनी रही।
30 अगस्त 1947 को Lord Mountbatten ने गांधीजी के कार्य की प्रशंसा करते हुए लिखा कि पंजाब में 55,000 सैनिकों के बावजूद बड़े पैमाने पर दंगे हो रहे थे, जबकि बंगाल में उनकी “force” केवल एक व्यक्ति थी और वहाँ उस समय शांति थी।
इसी संदर्भ में Mountbatten ने गांधीजी को “One-man Boundary Force” कहा। उन्होंने H. S. Suhrawardy को गांधीजी का “Second-in-Command” भी कहा था, क्योंकि वे भी उस समय गांधीजी के साथ शांति प्रयासों में जुड़े हुए थे।
यह उपाधि गांधीजी के किसी सैन्य नेतृत्व से संबंधित नहीं थी। इसका आशय यह था कि एक अकेले व्यक्ति के नैतिक प्रभाव और प्रत्यक्ष शांति प्रयासों ने वह काम किया, जिसके लिए अन्य स्थानों पर बड़ी सैन्य शक्ति लगाई गई थी।
हालाँकि 31 अगस्त और 1 सितंबर 1947 को कलकत्ता में फिर हिंसा भड़क उठी। इसके बाद गांधीजी ने 1 सितंबर से उपवास आरंभ किया और 4 सितंबर को शांति स्थापित होने के बाद उसे समाप्त किया।
अतः गांधीजी को ‘One-man Boundary Force’ कहने वाले Lord Mountbatten थे।