JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2014

Previous Year Question

निम्नलिखित में से किसने गाँधी-इर्विन समझौते में महात्मा गाँधी के लाभ को ‘सांत्वना पुरस्कार’ कहा था ?

A.

एस.सी. बोस

B.

एलन कैम्पबेल जॉनसन

C.

बी.जी. हार्निमन

D.

सरोजिनी नायडू

Correct Answer: B

Detailed Solution

महात्मा गांधी और वायसराय Lord Irwin के बीच बातचीत फरवरी 1931 में हुई और 5 मार्च 1931 को Gandhi-Irwin Pact, जिसे Delhi Pact भी कहा जाता है, पर समझौता हुआ।

समझौते के अंतर्गत कांग्रेस ने Civil Disobedience Movement को स्थगित करने तथा Second Round Table Conference में भाग लेने पर सहमति दी। सरकार ने अहिंसक राजनीतिक कैदियों की रिहाई, जब्त की गई लेकिन न बेची गई संपत्ति की वापसी तथा तटीय क्षेत्रों में सीमित रूप से नमक बनाने जैसी रियायतों को स्वीकार किया।

लेकिन पुलिस अत्याचारों की सार्वजनिक जाँच की गांधीजी की मांग स्वीकार नहीं की गई। इसी प्रकार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की मृत्युदंड की सजा को बदलना भी समझौते का हिस्सा नहीं बना।

Alan Campbell-Johnson, जिन्होंने बाद में Lord Irwin अर्थात Viscount Halifax की biography लिखी, ने गांधीजी को समझौते से प्राप्त लाभों को “Consolation Prizes” कहा। उनके आकलन में गांधीजी को मिली रियायतें सीमित थीं, जबकि Irwin की महत्वपूर्ण concession गांधीजी के साथ औपचारिक बातचीत करने पर सहमत होना थी।

यहाँ Sarojini Naidu से भ्रम नहीं होना चाहिए। Gandhi-Irwin negotiations के संदर्भ में उन्होंने Gandhi और Irwin के लिए “Two Mahatmas” जैसी अभिव्यक्ति का प्रयोग किया था; “Consolation Prizes” का संबंध Alan Campbell-Johnson से है।

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