Previous Year Question
महात्मा गाँधी ने अपनी निम्न पुस्तकों में से किसमें ब्रिटिश पार्लियामेन्ट को बाँझ और वेश्या कहा है?
सर्वोदय अथवा यूनिवर्सल डॉन
एन ऑटोबायोग्राफी ऑर दी स्टोरी ऑफ माई एक्सपेरिमेन्ट विद ट्रूथ
एन ऑटोबायोग्राफी ऑर दी स्टोरी ऑफ माई एक्सपेरिमेन्ट विद ट्रूथ
दी स्टोरी ऑफ ए सत्याग्राही
Correct Answer: C
Detailed Solution
महात्मा गांधी ने ब्रिटिश संसद की तीखी आलोचना अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ (Hind Swaraj or Indian Home Rule) में की थी।
गांधीजी ने 1909 में हिन्द स्वराज लिखा था। यह मूल रूप से Gujarati में लिखा गया और बाद में इसका English translation Indian Home Rule नाम से प्रकाशित हुआ।
पुस्तक के Chapter V — “The Condition of England” में गांधीजी ने British Parliament की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए उसे “sterile woman and a prostitute” जैसी कठोर उपमाएँ दी थीं।
उनके तर्क में Parliament को “sterile” कहने का आशय यह था कि वह अपने आप कोई अच्छा कार्य नहीं करती और उसे कार्य करने के लिए बाहरी दबाव की आवश्यकता पड़ती है।
इसी प्रकार Parliament को “prostitute” कहकर गांधीजी का तात्पर्य यह था कि वह स्थायी सिद्धांत के बजाय समय-समय पर बदलने वाले Ministers और राजनीतिक दलों के नियंत्रण में रहती है।
Hind Swaraj केवल Parliament की आलोचना तक सीमित नहीं थी। इसमें गांधीजी ने modern Western civilization, machinery, railways, lawyers और doctors की भी आलोचना की तथा Swaraj, नैतिक आत्मशासन और भारतीय सभ्यता के अपने विचार प्रस्तुत किए।
यह पुस्तक पहले Indian Opinion में क्रमशः प्रकाशित हुई थी। बाद में Bombay Government ने इसके Gujarati edition पर प्रतिबंध लगाया, जिसके बाद Gandhi ने इसका English version प्रकाशित किया।
अतः ब्रिटिश संसद के लिए प्रश्न में दिए गए शब्दों का प्रयोग गांधीजी ने हिन्द स्वराज में किया था।