Previous Year Question
निम्नलिखित में से किसने लाल किले में हुए मुकदमे में भारतीय राष्ट्रीय सेना के अधिकारियों की ओर से पैरवी की थी?
सी. आर. दास
मोतीलाल नेहरू
एम. ए. जिन्ना
सर टी. बी. सप्रू
Correct Answer: D
Detailed Solution
द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटिश सरकार ने Indian National Army (INA) के अनेक अधिकारियों पर मुकदमे चलाने का निर्णय लिया। ये मुकदमे Red Fort Trials के नाम से प्रसिद्ध हुए।
पहला और सबसे प्रसिद्ध मुकदमा 5 नवंबर 1945 से लाल किले में शुरू हुआ। इसमें INA के तीन अधिकारियों—शाह नवाज खान, प्रेम सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों—पर मुकदमा चलाया गया।
उन पर प्रमुख रूप से ब्रिटिश सम्राट के विरुद्ध “waging war against the King-Emperor” तथा अन्य आरोप लगाए गए थे।
INA अधिकारियों की कानूनी सहायता के लिए एक Defence Committee बनाई गई। इसमें देश के कई प्रमुख वकील और नेता शामिल थे। सर तेज बहादुर सप्रू INA कैदियों की ओर से पैरवी करने वाले प्रमुख विधिवेत्ताओं में शामिल थे।
Defence team में भूलाभाई देसाई, जवाहरलाल नेहरू, आसफ अली और कैलाशनाथ काटजू जैसे नाम भी जुड़े थे। भूलाभाई देसाई विशेष रूप से INA अधिकारियों के पक्ष में दिए गए अपने विस्तृत कानूनी तर्कों के लिए प्रसिद्ध हुए।
इन मुकदमों ने पूरे देश में व्यापक जनसमर्थन उत्पन्न किया और INA के तीनों अधिकारियों—एक मुस्लिम, एक हिन्दू और एक सिख—का संयुक्त मुकदमा राष्ट्रीय एकता के शक्तिशाली प्रतीक के रूप में सामने आया।
अतः दिए गए विकल्पों में INA अधिकारियों की ओर से लाल किले के मुकदमे में पैरवी करने वाले व्यक्ति सर टी. बी. सप्रू थे।