JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2013

Previous Year Question

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में महात्मा गांधी ने कहा था, “गांधी मर सकता है, लेकिन गांधीवाद सदैव जीवित रहेगा”?

A.

कलकत्ता अधिवेशन, 1928

B.

लाहौर अधिवेशन, 1929

C.

मद्रास अधिवेशन, 1927

D.

मद्रास अधिवेशन, 1927

Correct Answer: D

Detailed Solution

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का कराची अधिवेशन मार्च 1931 में आयोजित हुआ था और इसकी अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी।

यह अधिवेशन अत्यंत महत्वपूर्ण राजनीतिक परिस्थितियों में हुआ। 5 मार्च 1931 को गांधी-इरविन समझौता हुआ था और इसके कुछ ही समय बाद 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फाँसी दे दी गई थी।

भगत सिंह और उनके साथियों की फाँसी से अनेक युवा गांधीजी और समझौते से असंतुष्ट थे। कराची पहुँचने पर कुछ युवाओं ने गांधीजी के विरुद्ध “Down with Gandhism” जैसे नारे भी लगाए। इसी पृष्ठभूमि में गांधीजी ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को समाप्त किया जा सकता है, लेकिन सत्य और अहिंसा पर आधारित विचार को समाप्त नहीं किया जा सकता।

गांधीजी के कराची कांग्रेस के भाषण में इसका भाव था कि उन्हें मारा जा सकता है, लेकिन Gandhism को नहीं मारा जा सकता, क्योंकि उनके लिए Gandhism का अर्थ सत्य और अहिंसा के माध्यम से स्वराज प्राप्त करना था।

कराची अधिवेशन में Gandhi-Irwin Pact को अनुमोदित किया गया। इसी अधिवेशन में Fundamental Rights और National Economic Programme से संबंधित ऐतिहासिक प्रस्ताव भी स्वीकार किए गए।

अतः प्रश्न में दिया गया कथन 1931 के कराची अधिवेशन से संबंधित है।

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