Previous Year Question
निम्नलिखित में से किन आंदोलनों ने महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकाला?
स्वदेशी आंदोलन
होम रूल आंदोलन
असहयोग आंदोलन
सविनय अवज्ञा आंदोलन
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
केवल 1 और 3
केवल 2 और 4
केवल 3 और 4
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: D
Detailed Solution
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के विकास के साथ महिलाओं की सार्वजनिक और राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी लगातार बढ़ी और दिए गए चारों आंदोलनों ने इस प्रक्रिया में योगदान दिया।
1. स्वदेशी आंदोलन: 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन में महिलाओं ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार, स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग, सभाओं और प्रचार में भाग लिया। इस आंदोलन ने विशेष रूप से बंगाल में महिलाओं को राष्ट्रवादी गतिविधियों से जोड़ा।
2. होम रूल आंदोलन: 1916 से एनी बेसेंट के नेतृत्व वाले Home Rule अभियान ने राजनीतिक जागरूकता का विस्तार किया। इस दौर में महिलाओं की संस्थागत और राजनीतिक सक्रियता भी बढ़ी तथा 1917 में Women's Indian Association जैसे संगठनों का उदय हुआ।
3. असहयोग आंदोलन: 1920–22 के दौरान महिलाओं की भागीदारी अधिक व्यापक हुई। उन्होंने खादी अपनाने, चरखा चलाने, विदेशी वस्त्र और शराब की दुकानों की picketing, धन एवं आभूषण देने और सार्वजनिक प्रदर्शनों में भाग लिया।
4. सविनय अवज्ञा आंदोलन: 1930 के Salt Satyagraha और Civil Disobedience Movement में महिलाओं की भागीदारी और अधिक प्रत्यक्ष तथा व्यापक हुई। महिलाओं ने नमक कानून तोड़ा, जुलूस निकाले, picketing की और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियाँ दीं।
इस प्रकार Swadeshi और Home Rule से शुरू हुई बढ़ती राजनीतिक भागीदारी, Non-Cooperation और Civil Disobedience के समय बड़े स्तर की जनभागीदारी में बदल गई।