Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
सूची-I (गवर्नर जनरल/वायसराय) | सूची-II (महत्वपूर्ण योगदान/कार्य) | |
A. लॉर्ड डलहौजी | 1. | बंगाल का स्थायी बंदोबस्त |
B. लॉर्ड कर्जन | 2. | सती प्रथा का निषेध |
C. लॉर्ड विलियम बेंटिंक | 3. | बंगाल का विभाजन |
D. लॉर्ड कॉर्नवालिस | 4. | व्यपगत का सिद्धांत |
कूट :
A-4, B-3, C-1, D-2
A-3, B-4, C-2, D-1
A-3, B-4, C-1, D-2
A-4, B-3, C-2, D-1
Correct Answer: D
Detailed Solution
सही सुमेलन है — लॉर्ड डलहौजी–व्यपगत का सिद्धांत, लॉर्ड कर्जन–बंगाल का विभाजन, लॉर्ड विलियम बेंटिंक–सती प्रथा का निषेध और लॉर्ड कॉर्नवालिस–बंगाल का स्थायी बंदोबस्त।
लॉर्ड डलहौजी का संबंध Doctrine of Lapse अर्थात व्यपगत के सिद्धांत से था। वह 1848 से 1856 तक Governor-General रहा। इस नीति के अनुसार किसी आश्रित रियासत के शासक की प्राकृतिक पुरुष उत्तराधिकारी के बिना मृत्यु होने पर ब्रिटिश कम्पनी उसके दत्तक उत्तराधिकारी के शासनाधिकार को अस्वीकार कर राज्य को अपने क्षेत्र में मिला सकती थी। सतारा, सम्बलपुर, नागपुर और झाँसी जैसी रियासतें इस नीति से प्रभावित हुईं।
लॉर्ड कर्जन का संबंध 1905 के बंगाल विभाजन से था। उसके शासनकाल में बंगाल को विभाजित करके पूर्वी बंगाल और असम की नई प्रशासनिक इकाई बनाई गई। इस निर्णय के विरुद्ध व्यापक विरोध हुआ और स्वदेशी तथा बहिष्कार आंदोलन को तीव्र गति मिली।
लॉर्ड विलियम बेंटिंक का संबंध सती प्रथा के निषेध से था। उसके शासनकाल में 4 दिसंबर 1829 को Regulation XVII जारी किया गया, जिसने सती की प्रथा को अवैध तथा दंडनीय घोषित किया। यह सामाजिक सुधार 19वीं शताब्दी के औपनिवेशिक भारत के प्रमुख विधायी परिवर्तनों में था।
लॉर्ड कॉर्नवालिस का संबंध बंगाल के Permanent Settlement से था। 1793 में लागू इस व्यवस्था के अंतर्गत जमींदारों के साथ भू-राजस्व की राशि स्थायी रूप से निर्धारित की गई और उन्हें भूमि पर मजबूत proprietary rights प्रदान किए गए।