Previous Year Question
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए तथा इन्हें कालानुक्रम में व्यवस्थित कीजिए :
लिनलिथगो का अगस्त प्रस्ताव
क्रिप्स मिशन का भारत आगमन
रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन
कांग्रेसी मंत्रियों के त्याग पत्र
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
3, 1, 4, 2
4, 3, 1, 2
1, 3, 4, 2
4, 2, 3, 1
Correct Answer: B
Detailed Solution
सही कालानुक्रमिक क्रम कांग्रेसी मंत्रियों के त्याग पत्र (1939) → रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन (1940) → लिनलिथगो का अगस्त प्रस्ताव (1940) → क्रिप्स मिशन का भारत आगमन (1942) है।
इनमें सबसे पहले कांग्रेसी मंत्रिमंडलों के त्यागपत्र 1939 में हुए। द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने पर ब्रिटिश सरकार ने भारतीय नेताओं से परामर्श किए बिना भारत को युद्ध में शामिल घोषित कर दिया, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया।
22 अक्टूबर 1939 को कांग्रेस कार्यसमिति ने वायसराय की नीति को असंतोषजनक मानते हुए कांग्रेस-शासित प्रांतों के मंत्रिमंडलों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रांतीय कांग्रेस मंत्रिमंडलों ने क्रमशः त्यागपत्र दिए; मद्रास मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर 1939 को इस्तीफा दिया और लगभग दो सप्ताह के भीतर अन्य कांग्रेस मंत्रिमंडल भी हट गए।
इसके बाद मार्च 1940 में रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन आयोजित हुआ। इसकी अध्यक्षता मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की। 17 मार्च को उन्होंने अध्यक्षीय भाषण दिया और कांग्रेस ने युद्ध तथा भारत की स्वतंत्रता से संबंधित अपनी राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट किया।
तीसरी घटना लिनलिथगो का अगस्त प्रस्ताव थी। ब्रिटिश सरकार ने 8 अगस्त 1940 को यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें युद्ध के बाद भारतीयों को संविधान निर्माण में अधिक भूमिका देने तथा Governor-General's Executive Council के विस्तार जैसी बातें रखी गईं।
कांग्रेस ने इस प्रस्ताव को पर्याप्त नहीं माना क्योंकि इसमें तत्काल राष्ट्रीय सरकार अथवा पूर्ण स्वतंत्रता की माँग स्वीकार नहीं की गई थी। इसके बाद गांधीजी ने Individual Satyagraha की नीति अपनाई।
सबसे बाद में क्रिप्स मिशन मार्च 1942 में भारत आया। Sir Stafford Cripps को ब्रिटिश सरकार ने भारतीय राजनीतिक नेताओं के साथ संवैधानिक समझौते की संभावना तलाशने के लिए भेजा था। मिशन 22 मार्च 1942 को भारत पहुँचा।
क्रिप्स प्रस्तावों में युद्ध के बाद Dominion Status और संविधान निर्माण की व्यवस्था का प्रस्ताव था, लेकिन तत्काल सत्ता हस्तांतरण के प्रश्न पर सहमति नहीं बन सकी और वार्ताएँ विफल हो गईं।