JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2024

Previous Year Question

सहमति की आयु अधिनियम, 1891 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. यह बम्बई के एक पारसी सुधारक, बेहरामजी मालाबारी थे, जिन्होंने इस कानून की वकालत की थी।

  2. इस अधिनियम को बाल गंगाधर तिलक के नेतृत्व वाली चरमपंथी शाखा ने समर्थन दिया था।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A.

केवल 2

B.

न तो 1 न ही 2

C.

केवल 1

D.

1 और 2 दोनों

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है। पारसी समाज सुधारक और पत्रकार बेहरामजी मलाबारी ने बाल विवाह तथा कम आयु की विधवाओं की स्थिति के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया। उन्होंने 1884 में Notes on Infant Marriage and Enforced Widowhood प्रकाशित कर इन समस्याओं को सरकार और सार्वजनिक बहस के केंद्र में लाने का प्रयास किया।

मलाबारी ने विवाह के भीतर कम आयु की बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कानूनी सुधार की लगातार वकालत की। उनके अभियान ने Age of Consent से संबंधित विधायी परिवर्तन के लिए सामाजिक और राजनीतिक दबाव बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

1891 का Age of Consent Act बाल विवाह को स्वयं अवैध घोषित करने वाला कानून नहीं था। इसने भारतीय दंड संहिता में संशोधन कर बालिकाओं के लिए यौन संबंध की सहमति की आयु 10 वर्ष से बढ़ाकर 12 वर्ष कर दी; यह प्रावधान विवाहित और अविवाहित दोनों बालिकाओं पर लागू था।

कथन 2 गलत है। बाल गंगाधर तिलक ने इस विधेयक का समर्थन नहीं किया, बल्कि उसका विरोध किया। उनका प्रमुख तर्क यह था कि विदेशी औपनिवेशिक सरकार को भारतीय समाज के धार्मिक और सामाजिक रीति-रिवाजों में कानून द्वारा हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

यहाँ यह भी ध्यान देने योग्य है कि 1891 में कांग्रेस का बाद में प्रसिद्ध हुआ Moderate–Extremist विभाजन औपचारिक रूप से विकसित नहीं हुआ था। इसलिए कथन में “तिलक के नेतृत्व वाली चरमपंथी शाखा ने समर्थन दिया” कहना ऐतिहासिक रूप से और भी अनुचित है।

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