Previous Year Question
निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिये और उनको कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये।
I. मुदकी का युद्ध
II. पोर्टो नोवो का युद्ध
III. शकरखेड़ा का युद्ध
IV. बेदारा का युद्ध
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिये :
कूट :
I, II, III, IV
III, IV, II, I
IV, III, II, I
II, III, IV, I
Correct Answer: B
Detailed Solution
सही कालानुक्रमिक क्रम शकरखेड़ा का युद्ध (1724) → बेदारा का युद्ध (1759) → पोर्टो नोवो का युद्ध (1781) → मुदकी का युद्ध (1845) है।
इनमें सबसे पहले शकरखेड़ा का युद्ध 1724 ई. में हुआ। यह युद्ध निजाम-उल-मुल्क और मुबारिज खान के बीच दक्कन में लड़ा गया। निजाम-उल-मुल्क ने मुबारिज खान को पराजित किया और उसकी मृत्यु युद्ध में हुई।
इस विजय ने दक्कन में निजाम-उल-मुल्क की स्थिति को निर्णायक रूप से मजबूत किया। इसके बाद मुगल सम्राट मुहम्मद शाह ने उसे दक्कन के वायसराय के रूप में स्वीकार किया और आसफ जाह की उपाधि प्रदान की। इस घटना का हैदराबाद में आसफजाही सत्ता के उदय से निकट संबंध था।
इसके बाद बेदारा का युद्ध 1759 ई. में हुआ। इसे Battle of Biderra अथवा Chinsurah के नाम से भी जाना जाता है। यह बंगाल में अंग्रेजों और डचों के बीच हुआ तथा अंग्रेजों ने डच सैन्य शक्ति को निर्णायक रूप से पराजित किया।
इस पराजय के बाद भारत में डचों की राजनीतिक और सैन्य चुनौती काफी कमजोर हो गई। वे व्यापारिक गतिविधियाँ जारी रखते रहे, लेकिन बंगाल में अंग्रेजों के बढ़ते प्रभुत्व को चुनौती देने की उनकी क्षमता समाप्त हो गई।
तीसरी घटना पोर्टो नोवो का युद्ध 1781 ई. है। यह द्वितीय आंग्ल-मैसूर युद्ध के दौरान हैदर अली और अंग्रेजों के बीच लड़ा गया। अंग्रेजी सेना का नेतृत्व सर आयर कूट ने किया और उसने हैदर अली की सेना को पराजित किया।
सबसे बाद में मुदकी का युद्ध 18 दिसंबर 1845 को हुआ। यह प्रथम आंग्ल-सिख युद्ध की प्रारंभिक प्रमुख लड़ाइयों में था। सिख सेना का सामना सर ह्यू गफ के नेतृत्व वाली ब्रिटिश-भारतीय सेना से हुआ और इस संघर्ष में सिख सेना पीछे हटने के लिए बाध्य हुई।