Previous Year Question
नीचे दो कथन दिए गए हैं जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
कथन (A) : बंगाल की एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना वारेन हेस्टिंग्स के काल में हुई थी और उसने सर विलियम जोन्स के पक्ष में उक्त विद्वत संस्था की अध्यक्षता का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
कारण (R) : वारेन हेस्टिंग्स स्वयं एक उद्भट विद्वान तथा प्राच्य विद्या का प्रखर समर्थक था जो संस्कृत, फारसी व अरबी के अध्ययन को प्रोत्साहित करता था।
नीचे दिए कूटों में से सही उत्तर चुनिए :
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), कथन (A) की सही व्याख्या है
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है
(A) सही है, किन्तु (R) गलत है
(A) गलत है, किन्तु (R) सही है
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन (A) सही है। एशियाटिक सोसाइटी की स्थापना 15 जनवरी 1784 को कलकत्ता के Supreme Court के Grand Jury Hall में सर विलियम जोन्स की पहल पर हुई थी। उस समय वारेन हेस्टिंग्स Governor-General थे। संस्था की स्थापना के समय इसका नाम The Asiatick Society था; बाद में इसका नाम Asiatic Society of Bengal भी प्रचलित हुआ।
वारेन हेस्टिंग्स को संस्था की अध्यक्षता का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन उन्होंने विनम्रतापूर्वक यह पद स्वीकार नहीं किया और William Jones को अध्यक्ष बनने के लिए प्रेरित किया। परिणामतः William Jones संस्था के प्रथम President बने, जबकि Hastings उसके प्रथम Patron रहे।
कारण (R) भी सही है। Warren Hastings प्राच्य अध्ययन में गहरी रुचि रखते थे। Asiatic Society के आधिकारिक इतिहास में उन्हें भारतीय classical languages और literature में गहरी रुचि रखने वाला बताया गया है। वे भारतीय कानून, भाषाओं और ज्ञान-परंपराओं के अध्ययन को प्रशासन के लिए भी महत्त्वपूर्ण मानते थे।
उनके शासनकाल में 1781 में Calcutta Madrasa की स्थापना Arabic, Persian और Islamic law के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए हुई। इसी दौर में Sanskrit ग्रंथों और भारतीय कानूनों के अध्ययन तथा अनुवाद को भी संरक्षण मिला। Hastings ने Oriental learning को औपनिवेशिक प्रशासन की न्यायिक और बौद्धिक आवश्यकताओं से जोड़ा।
लेकिन कारण (R) यह नहीं समझाता कि Hastings ने अध्यक्षता क्यों अस्वीकार की। उनका स्वयं विद्वान और Orientalist होना उनकी बौद्धिक रुचि को सिद्ध करता है, पर यह तथ्य उनके द्वारा William Jones के पक्ष में Presidentship छोड़ने का प्रत्यक्ष कारण नहीं है। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरण इस निर्णय को उनकी विनम्रता और Jones की विद्वता तथा संस्था की स्थापना में उनकी केंद्रीय भूमिका से जोड़ते हैं।