Previous Year Question
आई.एन.ए. के अधिकारियों पर मुकदमा चलाया गया था
लाल किला, दिल्ली में
ग्वालियर फोर्ट में
आमेर फोर्ट, जयपुर में
आगरा फोर्ट में
Correct Answer: A
Detailed Solution
द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में जापान की पराजय के बाद Indian National Army (INA) अथवा आजाद हिन्द फौज के अनेक सैनिकों और अधिकारियों को ब्रिटिश सरकार ने हिरासत में लिया। इसके बाद उनके विरुद्ध सैन्य न्यायालय में मुकदमे चलाए गए।
सबसे प्रसिद्ध प्रथम INA Trial में शाह नवाज खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों पर मुकदमा चलाया गया। मुकदमे की कार्यवाही 5 नवम्बर 1945 से 31 दिसम्बर 1945 तक लाल किले में चली। उन पर प्रमुख आरोपों में ब्रिटिश सम्राट के विरुद्ध युद्ध छेड़ना भी शामिल था।
इन तीनों अधिकारियों का संबंध अलग-अलग धार्मिक समुदायों से था, लेकिन उनके मुकदमे ने पूरे देश में व्यापक राजनीतिक और जनसमर्थन उत्पन्न किया। इस कारण INA Trials केवल कानूनी कार्यवाही न रहकर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक घटना बन गए।
कांग्रेस ने अभियुक्त अधिकारियों की रक्षा के लिए वकीलों की एक समिति बनाई। भूलाभाई देसाई ने बचाव पक्ष में प्रमुख भूमिका निभाई और शाह नवाज खान, सहगल तथा ढिल्लों की ओर से विस्तृत कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
सैन्य न्यायालय ने तीनों को दोषी ठहराया, लेकिन उनके पक्ष में देशव्यापी जनभावना और विरोध इतना व्यापक था कि अंततः उनकी सजाएँ लागू नहीं की गईं और उन्हें रिहा कर दिया गया। INA Trials ने ब्रिटिश शासन के प्रति भारतीय सशस्त्र बलों और जनता के दृष्टिकोण पर भी गहरा प्रभाव डाला।
आज लाल किले के उसी परिसर में INA और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से संबंधित संग्रहालय भी स्थापित है, जो इन ऐतिहासिक मुकदमों की स्मृति को संरक्षित करता है।