Previous Year Question
निम्नलिखित घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :
I. पूना पैक्ट
II. गांधी-इरविन समझौता
III. क्रिप्स मिशन
IV. सविनय अवज्ञा आंदोलन
कूट :
IV, II, III, I
II, IV, I, III
IV, II, I, III
III, I, IV, II
Correct Answer: C
Detailed Solution
सही कालानुक्रमिक क्रम सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) → गांधी-इरविन समझौता (1931) → पूना पैक्ट (1932) → क्रिप्स मिशन (1942) है।
इनमें सबसे पहले सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में प्रारंभ हुआ। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन के बाद कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज को अपना लक्ष्य घोषित किया और गांधीजी को आंदोलन प्रारंभ करने का अधिकार दिया गया। गांधीजी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी यात्रा आरंभ की और नमक कानून के उल्लंघन ने आंदोलन को व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया।
इसके बाद 5 मार्च 1931 को गांधी-इरविन समझौता हुआ। इसके अंतर्गत गांधीजी सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित करने तथा द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमत हुए, जबकि सरकार ने अहिंसक राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े अनेक बंदियों को रिहा करने और कुछ दमनात्मक कार्रवाइयों को वापस लेने पर सहमति दी।
तीसरी घटना पूना पैक्ट, 24 सितंबर 1932 थी। इसकी पृष्ठभूमि ब्रिटिश सरकार के Communal Award में Depressed Classes के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था थी। गांधीजी के विरोध और डॉ. बी. आर. अम्बेडकर सहित संबंधित नेताओं के बीच समझौते के बाद पृथक निर्वाचक मंडल के स्थान पर संयुक्त निर्वाचन व्यवस्था के भीतर आरक्षित सीटों की व्यवस्था स्वीकार की गई।
सबसे बाद में क्रिप्स मिशन 1942 आया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने Sir Stafford Cripps को भारत भेजा। वे मार्च 1942 में दिल्ली पहुँचे और भारतीय नेताओं के सामने युद्ध के बाद Dominion Status तथा संविधान-निर्माण से संबंधित प्रस्ताव रखे, लेकिन कांग्रेस सहित प्रमुख राजनीतिक पक्षों से सहमति नहीं बन सकी।