JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2017

Previous Year Question

किसने ईस्ट इंडिया कम्पनी के बारे में यह टिप्पणी की कि “कम्पनी एक असंगति है परन्तु यह उस व्यवस्था का भाग है जहाँ सब कुछ ही असंगत है।” ?

A.

वॉरेन हेस्टिंग्स

B.

जी. बी. मेकाले

C.

लॉर्ड क्लाइव

D.

हेनरी डुण्डास

Correct Answer: B

Detailed Solution

ईस्ट इंडिया कम्पनी के बारे में यह प्रसिद्ध टिप्पणी थॉमस बैबिंगटन मेकाले ने की थी।

मेकाले ने यह विचार 10 जुलाई 1833 को ब्रिटिश House of Commons में भारत के शासन से संबंधित विधेयक पर अपने भाषण के दौरान व्यक्त किया था। यह वह समय था जब ईस्ट इंडिया कम्पनी के व्यापारिक एकाधिकार और भारत में उसकी प्रशासनिक भूमिका के भविष्य पर ब्रिटिश संसद में व्यापक चर्चा हो रही थी।

मेकाले ने इस बात को असामान्य माना कि मूलतः व्यापार के लिए बनाई गई एक joint-stock company विशाल भारतीय क्षेत्रों, बड़ी जनसंख्या, राजस्व और सेना पर शासन कर रही थी। इसी संदर्भ में उन्होंने कम्पनी की राजनीतिक शक्ति को एक “anomaly” अर्थात असंगति कहा।

लेकिन मेकाले का तर्क केवल कम्पनी की आलोचना करना नहीं था। उनका कहना था कि स्वयं ब्रिटिश भारतीय साम्राज्य की शासन-व्यवस्था अत्यंत असामान्य थी; इसलिए केवल कम्पनी का स्वरूप विचित्र होने के आधार पर उसे तत्काल समाप्त करना पर्याप्त तर्क नहीं था।

इसी तर्क को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “The Company is an anomaly; but it is part of a system where everything is anomaly.” इसके बाद उन्होंने यह भी तर्क दिया कि कम्पनी को भारत के शासन में एक संस्था के रूप में बनाए रखने के पक्ष में व्यावहारिक कारण मौजूद थे।

यह भाषण Charter Act of 1833 से संबंधित संसदीय बहस की पृष्ठभूमि में था। इसी अधिनियम ने कम्पनी की वाणिज्यिक गतिविधियों को समाप्त कर उसे मुख्यतः प्रशासनिक संस्था के रूप में बनाए रखा।

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