Previous Year Question
‘लोकहितवादी’ उपनाम से कौन जाना जाता था?
गोपाल हरि देशमुख
महादेव गोविंद रानाडे
ज्योतिबा फुले
बाल गंगाधर तिलक
Correct Answer: A
Detailed Solution
गोपाल हरि देशमुख ‘लोकहितवादी’ उपनाम से प्रसिद्ध थे।
गोपाल हरि देशमुख 19वीं शताब्दी के महाराष्ट्र के प्रमुख सामाजिक सुधारकों और विचारकों में थे। ‘लोकहितवादी’ का अर्थ broadly जनता अथवा लोकहित के लिए कार्य करने वाला है और इसी नाम से उनके सामाजिक-सुधार संबंधी लेख अत्यंत प्रसिद्ध हुए।
उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों, अंधविश्वास, जातिगत भेदभाव और पुरोहित वर्ग के अनुचित प्रभाव की आलोचना की। वे समाज के विकास के लिए तर्क, आधुनिक शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को आवश्यक मानते थे।
गोपाल हरि देशमुख ने महिलाओं की शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया। महाराष्ट्र में विधवा पुनर्विवाह के समर्थन में सक्रिय सुधारकों में लोकहितवादी, विष्णु शास्त्री पंडित और महादेव गोविंद रानाडे का उल्लेख मिलता है।
उनके विचारों के प्रचार का एक प्रमुख माध्यम मराठी पत्र ‘प्रभाकर’ था। इसमें उन्होंने ‘शतपत्रे’ नाम से प्रसिद्ध पत्रों/लेखों की श्रृंखला लिखी, जिनमें तत्कालीन समाज की धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं की आलोचनात्मक चर्चा की गई।
वे केवल सामाजिक प्रश्नों तक सीमित नहीं थे। उन्होंने भारत की आर्थिक स्थिति और ब्रिटिश शासन के अंतर्गत होने वाले आर्थिक शोषण पर भी विचार व्यक्त किए तथा भारतीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
महादेव गोविंद रानाडे, ज्योतिबा फुले और बाल गंगाधर तिलक भी महाराष्ट्र के महत्त्वपूर्ण सुधारक अथवा राष्ट्रवादी नेता थे, लेकिन ‘लोकहितवादी’ विशेष रूप से गोपाल हरि देशमुख का उपनाम था।