Previous Year Question
दादाभाई नौरोजी के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही नहीं है?
वे बम्बई के एलफिन्स्टन कॉलेज में गणित और भौतिकी के प्रोफेसर नियुक्त होने वाले प्रथम भारतीय थे।
वे 1892 में ब्रिटिश संसद के सदस्य निर्वाचित हुए थे।
उन्होंने गुजराती पत्रिका ‘रास्त गोफ्तार’ प्रारम्भ की थी।
वे चार बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे।
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन (d) सही नहीं है, क्योंकि दादाभाई नौरोजी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चार नहीं, बल्कि तीन बार अध्यक्ष रहे थे।
दादाभाई नौरोजी भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के प्रारंभिक प्रमुख नेताओं में थे। उन्हें “Grand Old Man of India” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने भारतीय गरीबी और औपनिवेशिक आर्थिक शोषण को आँकड़ों के आधार पर समझाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कथन (a) सही है। दादाभाई नौरोजी ने एलफिन्स्टन संस्थान में Mathematics और Natural Philosophy पढ़ाया और वे वहाँ पूर्ण प्रोफेसर बनने वाले प्रथम भारतीय माने जाते हैं। अध्यापन के साथ वे महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार संबंधी गतिविधियों से भी जुड़े थे।
कथन (b) सही है। दादाभाई नौरोजी 1892 में Finsbury Central से Liberal Party के उम्मीदवार के रूप में ब्रिटिश House of Commons के लिए निर्वाचित हुए। वे ब्रिटिश संसद में निर्वाचित होने वाले प्रथम भारतीयों में सबसे प्रमुख अग्रणी व्यक्तित्व थे और 1892 से 1895 तक संसद में रहे।
कथन (c) भी सही है। उन्होंने 1851 में गुजराती पत्रिका Rast Goftar अर्थात “Truth Teller” प्रारंभ की। इसका उपयोग पारसी समाज में सामाजिक-धार्मिक सुधार तथा नागरिक और सार्वजनिक विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए किया गया।
लेकिन कथन (d) गलत है। दादाभाई नौरोजी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता केवल तीन बार — 1886 में कलकत्ता, 1893 में लाहौर और 1906 में कलकत्ता में की थी। 1906 के कलकत्ता अधिवेशन का विशेष महत्त्व था क्योंकि उनके अध्यक्षीय नेतृत्व में Swaraj को भारतीय राजनीतिक आकांक्षा के लक्ष्य के रूप में प्रमुखता मिली।
वे कांग्रेस के Moderates और अधिक assertive राष्ट्रवादी नेताओं, दोनों के बीच अत्यधिक सम्मानित थे। उनके आर्थिक विचारों में Drain of Wealth Theory विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण थी, जिसे उन्होंने आगे चलकर अपनी प्रसिद्ध पुस्तक Poverty and Un-British Rule in India में विस्तार से प्रस्तुत किया।