JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2012

Previous Year Question

राम मोहन राय को ‘राजा’ की उपाधि किसने दी थी?

A.

लॉर्ड विलियम बेंटिंक

B.

अकबर द्वितीय

C.

ब्रह्म समाज के अनुयायियों ने

D.

सती प्रथा का विरोध करने वाले बुद्धिजीवियों ने

Correct Answer: B

Detailed Solution

राम मोहन राय को ‘राजा’ की उपाधि मुगल सम्राट अकबर द्वितीय ने प्रदान की थी।

अकबर द्वितीय ने 1806 से 1837 तक मुगल सम्राट के रूप में शासन किया। इसी मुगल सम्राट ने राम मोहन राय को ‘राजा’ की उपाधि प्रदान की।

राम मोहन राय 19वीं शताब्दी के प्रमुख सामाजिक और धार्मिक सुधारकों में थे। उन्होंने 1828 ई. में ब्रह्म सभा की स्थापना की, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज के रूप में विकसित हुई।

1830 ई. में अकबर द्वितीय ने राम मोहन राय को अपने प्रतिनिधि के रूप में इंग्लैंड भेजा। उन्हें ब्रिटिश शासन के समक्ष मुगल सम्राट से संबंधित माँगों, विशेष रूप से सम्राट की पेंशन और अधिकारों से जुड़े विषयों को प्रस्तुत करना था।

इस राजनयिक भूमिका के संदर्भ में अकबर द्वितीय ने राम मोहन राय को ‘राजा’ की उपाधि से सम्मानित किया। इसके बाद वे व्यापक रूप से राजा राम मोहन राय के नाम से प्रसिद्ध हुए।

लॉर्ड विलियम बेंटिंक का राम मोहन राय के सामाजिक सुधारों, विशेषकर 1829 में सती प्रथा के निषेध, के काल से संबंध था, लेकिन ‘राजा’ की उपाधि बेंटिंक ने नहीं दी थी। इसी प्रकार यह उपाधि ब्रह्म समाज के अनुयायियों अथवा सती-विरोधी बुद्धिजीवियों द्वारा भी प्रदान नहीं की गई थी।

इस प्रकार ‘राजा’ की उपाधि प्रदान करने वाले व्यक्ति मुगल सम्राट अकबर द्वितीय थे।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.