Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन असम में 1857 ई. की क्रान्ति का नेता था?
दीवान मणिराम दत्ता
कंदर्पेश्वर सिंह
पुरंदर सिंह
पियाली बरुआ
Correct Answer: A
Detailed Solution
असम में 1857 के विद्रोह के प्रमुख नेता दीवान मणिराम दत्ता थे, जिन्हें मणिराम दीवान के नाम से भी जाना जाता है।
मणिराम दत्ता बरुआ, जिन्हें सामान्यतः मणिराम दीवान कहा जाता है, प्रारंभ में ब्रिटिश प्रशासन से जुड़े हुए थे और उन्होंने अपदस्थ अहोम शासक पुरंदर सिंह के साथ भी कार्य किया था। बाद में ब्रिटिश नीतियों से उनका असंतोष बढ़ता गया।
जब 1857 का विद्रोह शुरू हुआ, तब मणिराम दीवान ने इसे असम में अहोम शासन को पुनः स्थापित करने के अवसर के रूप में देखा। उन्होंने अन्य सहयोगियों के साथ ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आंदोलन की योजना बनाई और अहोम समर्थकों तथा Assam Light Infantry के सिपाहियों को संगठित करने का प्रयास किया।
इस योजना में कंदर्पेश्वर सिंह को पुनः अहोम राजा के रूप में स्थापित करने का विचार था। मणिराम दीवान कलकत्ता से इस योजना का निर्देशन कर रहे थे, जबकि पियाली बरुआ असम में उनके प्रमुख सहयोगियों में थे।
ब्रिटिश अधिकारियों ने मणिराम दीवान द्वारा भेजे गए गुप्त पत्रों का पता लगा लिया, जिससे विद्रोह की योजना उसके पूर्ण रूप से लागू होने से पहले ही उजागर हो गई। इसके बाद मणिराम दीवान, पियाली बरुआ और उनके कई सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मणिराम दीवान और पियाली बरुआ को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध षड्यंत्र का दोषी ठहराया गया और 26 फरवरी 1858 को जोरहाट में सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी गई।
अतः कंदर्पेश्वर सिंह विद्रोह की योजना में प्रस्तावित अहोम शासक थे और पियाली बरुआ प्रमुख सहयोगी थे, लेकिन प्रश्न में पूछे गए असम के 1857 के विद्रोह के नेता दीवान मणिराम दत्ता थे।