Previous Year Question
19वीं शताब्दी के किसान विद्रोहों को उनके संबंधित क्षेत्रों से सुमेलित कीजिए :
सूची-I | सूची-II | |
A. कूकी विद्रोह | 1. | पंजाब |
B. कूका विद्रोह | 2. | बंगाल |
C. पबना किसान विद्रोह | 3. | बिहार |
D. बिरसा मुंडा विद्रोह | 4. | त्रिपुरा |
कूट :
A-4, B-2, C-1, D-3
A-2, B-3, C-1, D-4
A-4, B-1, C-3, D-2
A-4, B-1, C-2, D-3
Correct Answer: D
Detailed Solution
कूकी विद्रोह का संबंध त्रिपुरा से था। 19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के प्रमुख जन-प्रतिरोधों में कूकी विद्रोह को 1860–90 की अवधि में त्रिपुरा क्षेत्र से संबंधित बताया जाता है।
कूका विद्रोह का संबंध पंजाब से था। कूका अथवा नामधारी आंदोलन पंजाब में विकसित हुआ और 1869–72 के दौरान इसका ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राजनीतिक स्वरूप अधिक स्पष्ट हुआ। बाबा राम सिंह इस आंदोलन के प्रमुख नेताओं में थे।
पबना किसान विद्रोह का संबंध बंगाल से था। पबना किसान आंदोलन 1872–73 में बंगाल में हुआ। यह 19वीं शताब्दी के उन महत्त्वपूर्ण कृषक आंदोलनों में था, जिनमें किसानों ने भू-राजस्व और जमींदारी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के विरुद्ध संगठित प्रतिरोध किया।
बिरसा मुंडा विद्रोह का संबंध तत्कालीन दक्षिण बिहार से था। बिरसा मुंडा के नेतृत्व में यह आंदोलन 1899–1900 में हुआ। इसे मुंडा उलगुलान के रूप में भी जाना जाता है।