Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
सूची-I (शिष्य) | सूची-II (गुरु) |
A. कबीर | 1. गुरु नानक देव |
B. अमीर खुसरो | 2. स्वामी रामानन्द |
C. सूरदास | 3. निजामुद्दीन औलिया |
D. मर्दाना | 4. वल्लभाचार्य |
कूट :
A-3, B-2, C-4, D-1
A-3, B-2, C-1, D-4
A-2, B-3, C-4, D-1
A-2, B-3, C-1, D-4
Correct Answer: C
Detailed Solution
भक्ति परंपरा के प्रचलित विवरणों में कबीर को स्वामी रामानन्द से जोड़ा जाता है और उन्हें रामानन्द का शिष्य माना जाता है। हालांकि आधुनिक इतिहासकार इस गुरु-शिष्य संबंध की ऐतिहासिक निश्चितता को लेकर सावधानी रखते हैं, इस प्रश्न में स्वीकृत सुमेलन कबीर → स्वामी रामानन्द है। इसलिए A → 2 है।
अमीर खुसरो निजामुद्दीन औलिया के समर्पित शिष्य थे। निजामुद्दीन औलिया दिल्ली में चिश्ती सूफी सिलसिले के महान संत थे और अमीर खुसरो का उनके साथ गहरा आध्यात्मिक संबंध था। इसलिए B → 3 है।
सूरदास को वल्लभाचार्य की कृष्ण-भक्ति और पुष्टिमार्ग परंपरा से जोड़ा जाता है। परंपरागत विवरणों में सूरदास को वल्लभाचार्य का शिष्य माना गया है और वे कृष्ण-भक्ति काव्य के प्रमुख कवियों में गिने जाते हैं। इसलिए C → 4 है।
मर्दाना गुरु नानक देव के निकटतम साथियों और अनुयायियों में से एक थे। गुरु नानक जब अपने शबद गाते थे, तब मर्दाना उनके साथ रबाब बजाते थे। उनकी लंबी यात्राओं में भी मर्दाना उनके साथ रहे। इसलिए प्रश्न में D → 1 है।
इस प्रकार पूरा सुमेलन है — कबीर → रामानन्द (2), अमीर खुसरो → निजामुद्दीन औलिया (3), सूरदास → वल्लभाचार्य (4), मर्दाना → गुरु नानक देव (1)।