JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2025

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : बाबर ने चगताई तुर्की में तुजुक-ए-बाबरी लिखा।

कारण (R) : तुर्की मुगल दरबार की राजभाषा थी।

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :

A.

(A) और (R) दोनों सत्य हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

B.

(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है।

C.

(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है।

D.

(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

Correct Answer: C

Detailed Solution

बाबर की आत्मकथा तुजुक-ए-बाबरी अथवा बाबरनामा मूल रूप से चगताई तुर्की भाषा में लिखी गई थी। यह बाबर की मातृभाषा थी और मध्य एशिया की तैमूरी सांस्कृतिक परंपरा में प्रचलित तुर्की भाषा का साहित्यिक रूप थी।

बाबर ने अपने जीवन, मध्य एशिया में अपने संघर्षों, काबुल पर अधिकार, भारत के अभियानों तथा तत्कालीन समाज और प्रकृति से संबंधित अपने अनुभव इसी भाषा में दर्ज किए। इसलिए अभिकथन में चगताई तुर्की को बाबरनामा की मूल भाषा बताना सही है।

लेकिन तुर्की मुगल दरबार की राजभाषा नहीं थी। भारत में मुगल शासन के विकसित होने के साथ फारसी दरबार, प्रशासन, राजकीय पत्राचार और इतिहास-लेखन की प्रमुख भाषा बनी।

बाबर की चगताई तुर्की में लिखी आत्मकथा का अकबर के शासनकाल में अब्दुर्रहीम खान-ए-खाना ने 1589–90 ई. में फारसी में अनुवाद किया। इससे भी चगताई तुर्की और मुगल दरबार की प्रमुख फारसी भाषा के बीच अंतर स्पष्ट होता है।

अर्थात बाबर ने चगताई तुर्की का प्रयोग इसलिए किया क्योंकि वह उसकी अपनी भाषा और मध्य एशियाई साहित्यिक परंपरा की भाषा थी, न कि इसलिए कि तुर्की मुगल दरबार की राजभाषा थी।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.