Previous Year Question
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A) : बलबन ने अपने शासन को सुदृढ़ बनाया और सम्पूर्ण सत्ता को अपने हाथों में केन्द्रित कर लिया।
कारण (R) : वह उत्तर-पश्चिम सीमा को मंगोल आक्रमणों से सुरक्षित करना चाहता था।
नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(A) गलत है, किन्तु (R) सही है।
(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) सही है, किन्तु (R) गलत है।
Correct Answer: C
Detailed Solution
बलबन ने 1266 से 1287 ई. तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया। उसके सामने सबसे बड़ी आंतरिक समस्या सुल्तान की कमजोर हो चुकी प्रतिष्ठा, शक्तिशाली अमीरों का प्रभाव, विद्रोह और कानून-व्यवस्था की कमजोरी थी।
अभिकथन (A) सही है। बलबन ने राजसत्ता की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करने और सुल्तान की सर्वोच्चता सुनिश्चित करने के लिए शासन को अत्यधिक केंद्रीकृत किया। उसने शक्तिशाली अमीरों और विशेष रूप से तुर्की सरदारों की स्वतंत्र शक्ति को नियंत्रित किया।
उसने राजत्व की गरिमा पर विशेष बल दिया और सुल्तान को साधारण अमीरों से बहुत ऊँचा स्थान प्रदान किया। कठोर दरबारी अनुशासन, सुदृढ़ गुप्तचर व्यवस्था और विद्रोहों के कठोर दमन ने भी केंद्रीय सत्ता को मजबूत किया।
इसलिए बलबन का सत्ता-केंद्रीकरण मुख्यतः आंतरिक राजनीतिक स्थिरता, राजसत्ता की प्रतिष्ठा और शक्तिशाली सामंतों पर नियंत्रण से संबंधित था।
कारण (R) भी सही है। बलबन के शासनकाल में उत्तर-पश्चिमी सीमा पर मंगोलों का गंभीर खतरा मौजूद था। उसने इस सीमा की सुरक्षा को अपनी प्रमुख सैन्य प्राथमिकताओं में रखा।
उसने भटिंडा, सुनाम और समाना जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों की रक्षा को सुदृढ़ किया और वहाँ सैन्य व्यवस्था मजबूत की। उसके पुत्र राजकुमार मुहम्मद को भी मंगोलों के विरुद्ध सीमा की रक्षा में लगाया गया था; 1285 ई. में वह मंगोलों से संघर्ष करते हुए मारा गया।
लेकिन मंगोल आक्रमणों से उत्तर-पश्चिमी सीमा की रक्षा करना बलबन द्वारा सम्पूर्ण सत्ता अपने हाथों में केन्द्रित करने का प्रत्यक्ष कारण नहीं था। यह उसकी बाहरी सुरक्षा नीति का महत्त्वपूर्ण भाग था, जबकि केंद्रीकरण का उद्देश्य व्यापक रूप से आंतरिक प्रशासन और राजसत्ता को मजबूत करना था।