JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2024

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : भारत पर तुर्की आक्रमण सफल हुआ।

कारण (R) : उत्तर भारत में राजनीतिक एकता नहीं थी।

नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :

A.

(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

B.

(A) गलत है, किन्तु (R) सही है।

C.

(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

D.

(A) सही है, किन्तु (R) गलत है।

Correct Answer: A

Detailed Solution

11वीं और 12वीं शताब्दी में उत्तर भारत पर कई तुर्की आक्रमण हुए। महमूद गजनवी के अभियान मुख्यतः छापों और धन-संग्रह से जुड़े थे, जबकि मुहम्मद गोरी के अभियानों ने स्थायी राजनीतिक विजय का मार्ग खोला।

1192 ई. के तराइन के द्वितीय युद्ध में मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को पराजित किया। इसके बाद उसके सेनापतियों, विशेषकर कुतुबुद्दीन ऐबक, ने दिल्ली, अजमेर तथा गंगा-यमुना दोआब के विभिन्न क्षेत्रों में तुर्की सत्ता का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया।

उस समय उत्तर भारत किसी एक शक्तिशाली केंद्रीय सत्ता के अधीन नहीं था। चौहान, गाहड़वाल, चंदेल और अन्य अनेक क्षेत्रीय राजवंश अलग-अलग राजनीतिक शक्तियों के रूप में शासन कर रहे थे।

इन राज्यों के बीच परस्पर प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक विखंडन था। विदेशी आक्रमण के विरुद्ध लंबे समय तक कायम रहने वाली एक संयुक्त राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी।

इस विखंडन के कारण तुर्की सेनाएँ विभिन्न भारतीय राज्यों का अलग-अलग सामना कर सकीं। 1192 से 1206 ई. के बीच उत्तर भारत के बड़े क्षेत्रों पर तुर्की नियंत्रण का विस्तार इसी राजनीतिक परिस्थिति से सुगम हुआ।

तुर्कों की सफलता में उनकी तेज घुड़सवार सेना, mounted archery, सैन्य संगठन और युद्ध-रणनीति जैसे अन्य कारण भी महत्त्वपूर्ण थे। फिर भी उत्तर भारत में राजनीतिक एकता का अभाव उनकी सफलता का एक प्रमुख प्रत्यक्ष कारण था।

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