JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2024

Previous Year Question

नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है।

अभिकथन (A) : शिवाजी को बड़े देशमुखों के विरोध का सामना करना पड़ा।

कारण (R) : ये देशमुख स्वतंत्र मराठा राज्य के पक्ष में नहीं थे और बीजापुर के सामंत ही बने रहना चाहते थे।

नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए :

A.

(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।

B.

(A) गलत है, किन्तु (R) सही है।

C.

(A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।

D.

(A) सही है, किन्तु (R) गलत है।

Correct Answer: A

Detailed Solution

दक्कन में देशमुख वंशानुगत स्थानीय अधिकारी और प्रभावशाली भू-स्वामी थे। उनके पास राजस्व वसूली, स्थानीय प्रशासन तथा सैनिक संसाधनों से संबंधित अधिकार होते थे। मावल क्षेत्र में भी अनेक शक्तिशाली देशमुख परिवार मौजूद थे।

शिवाजी का उद्देश्य केवल अपनी पैतृक जागीर का विस्तार करना नहीं था, बल्कि स्वतंत्र और अधिक केंद्रीकृत मराठा राज्य स्थापित करना था। इसके लिए स्थानीय देशमुखों की स्वायत्त शक्ति को नियंत्रित करना और उन्हें नई राज्य-व्यवस्था के अधीन लाना आवश्यक था।

मावल के अनेक देशमुखों ने अंततः शिवाजी का नेतृत्व स्वीकार कर लिया, लेकिन कुछ शक्तिशाली देशमुखों ने उसका विरोध किया। जावली के मोरे इसका प्रमुख उदाहरण थे। वे लंबे समय से स्थानीय शक्ति और वंशानुगत अधिकार रखते थे तथा प्रारंभ में शिवाजी के साथ आने को तैयार नहीं थे।

बीजापुर की आदिलशाही व्यवस्था के अंतर्गत ऐसे देशमुख काफी हद तक अपने स्थानीय वतन, अधिकार और सामंती प्रभाव को बनाए रख सकते थे। स्वतंत्र मराठा राज्य के उदय से उनकी इस पुरानी स्वायत्त स्थिति पर नियंत्रण बढ़ने की संभावना थी।

इसलिए कुछ बड़े देशमुखों के लिए बीजापुर के अधीन सामंत बने रहना शिवाजी की नई केंद्रीकृत सत्ता को स्वीकार करने की तुलना में अधिक अनुकूल था। यही हित-संघर्ष शिवाजी के प्रति उनके विरोध का प्रमुख कारण बना।

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