JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2023

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन फिरोज तुगलक के नगरकोट अभियान के दौरान संग्रहित 300 संस्कृत पुस्तकों का अनुवाद किया?

A.

अजीजुद्दीन खान

B.

मुल्ला अब्दुल बाकी

C.

मिर्जा मुहम्मद अली

D.

तालिब अमूली

Correct Answer: A

Detailed Solution

फिरोज शाह तुगलक ने 1351 से 1388 ई. तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया। उसके शासनकाल में प्रशासनिक और स्थापत्य कार्यों के साथ शिक्षा, साहित्य तथा विभिन्न ज्ञान-परंपराओं के संरक्षण में भी रुचि दिखाई गई।

फिरोज शाह ने अपने शासनकाल में नगरकोट अर्थात कांगड़ा की ओर सैन्य अभियान किया। नगरकोट क्षेत्र में स्थित ज्वालामुखी मंदिर के साथ उस समय एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक-संग्रह भी जुड़ा हुआ था। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में संस्कृत पांडुलिपियाँ उसके हाथ लगीं।

इन संस्कृत ग्रंथों में दर्शन, ज्योतिष, शकुन-विचार और अन्य विषयों से संबंधित सामग्री शामिल थी। फिरोज शाह ने इनमें से संस्कृत ग्रंथों का फारसी में अनुवाद करवाने का आदेश दिया।

इस अनुवाद-कार्य से अजीजुद्दीन खान, जिन्हें विभिन्न ऐतिहासिक स्रोतों में इज्जुद्दीन खालिद खानी / Aziz-ud-din Khalid जैसे नाम-रूपों में भी उल्लेखित किया गया है, संबंधित थे।

इस अनुवादित कृति को दलाइल-ए-फिरोजशाही (Dalail-i-Firuzshahi) नाम दिया गया। इस प्रकार संस्कृत ज्ञान-साहित्य को फारसी भाषी दरबारी और विद्वत् जगत तक पहुँचाने का प्रयास किया गया।

तालिब अमूली बहुत बाद में जहाँगीर के समय का फारसी कवि था। इसलिए उसका फिरोज तुगलक के 14वीं शताब्दी के इस अनुवाद-कार्य से संबंध नहीं था। इसी प्रकार मुल्ला अब्दुल बाकी और मिर्जा मुहम्मद अली भी इस अनुवाद के लिए सही उत्तर नहीं हैं।

अतः फिरोज तुगलक के नगरकोट अभियान के दौरान प्राप्त संस्कृत पुस्तकों के अनुवाद से संबंधित विद्वान अजीजुद्दीन खान था।

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