JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2023

Previous Year Question

‘खरीतादार’ कौन था?

A.

अधिकारी जो हिसाब-किताब में प्रवीण होता था

B.

फरमानों को भेजने वाला अधिकारी

C.

शाहीमहल का प्रधान संरक्षक

D.

परगना का प्रमुख अफसर

Correct Answer: B

Detailed Solution

मध्यकालीन प्रशासन में केन्द्र से प्रांतों और विभिन्न अधिकारियों तक शाही आदेशों को पहुँचाने के लिए व्यवस्थित official correspondence system की आवश्यकता थी।

फरमान शासक द्वारा जारी किया गया आधिकारिक शाही आदेश होता था। ऐसे आदेशों और सरकारी पत्रों को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाने की प्रक्रिया प्रशासन के संचालन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण थी।

इस प्रश्न में खरीतादार को इसी संचार व्यवस्था से संबंधित अधिकारी माना गया है। उसका कार्य शाही फरमानों अथवा आदेशों को उनके निर्धारित अधिकारियों और स्थानों तक भेजने से संबंधित था।

मुहम्मद बिन तुगलक के शासन के संदर्भ में बरनी के विवरण से भी प्रशासन में बड़ी संख्या में आदेशों के नियमित प्रेषण की व्यवस्था का पता चलता है। आदेश प्रांतीय वली और मुक्तियों जैसे अधिकारियों तक भेजे जाते थे।

इसलिए खरीतादार को हिसाब-किताब रखने वाला अधिकारी नहीं माना गया है। वित्तीय लेखांकन के लिए प्रशासन में अलग अधिकारी और विभाग होते थे।

इसी प्रकार वह शाही महल का प्रधान संरक्षक या परगना का प्रमुख अधिकारी भी नहीं था। ये प्रशासन के अलग-अलग कार्य और पद थे।

यहाँ एक ऐतिहासिक सावधानी आवश्यक है। कुछ विद्वत् स्रोतों में Kharitadar शब्द का प्रयोग सुल्तान की writing case अथवा pen-and-paper से संबंधित अधिकारी के लिए भी मिलता है। इसलिए मध्यकालीन पदनाम के व्यापक ऐतिहासिक प्रयोग में कुछ भिन्नता दिखाई देती है।

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