Previous Year Question
सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए—
सूची-I (पुस्तक) | सूची-II (विषय) |
A. मिरात-ए-सिकन्दरी | 1. बंगाल का इतिहास |
B. बुरहान-ए-मासिर | 2. बहमनी के अहमदनगर का इतिहास |
C. रियाज-उस-सलातिन | 3. महमूद गवां के पत्रों का संग्रह |
D. रियाज-उल-इंशा | 4. गुजरात विजय |
कूट :
A-(2), B-(4), C-(1), D-(3)
A-(4), B-(2), C-(1), D-(3)
A-(1), B-(2), C-(4), D-(3)
A-(4), B-(2), C-(3), D-(1)
Correct Answer: B
Detailed Solution
सही सुमेलन मिरात-ए-सिकन्दरी — गुजरात विजय, बुरहान-ए-मासिर — बहमनी के अहमदनगर का इतिहास, रियाज-उस-सलातिन — बंगाल का इतिहास तथा रियाज-उल-इंशा — महमूद गवां के पत्रों का संग्रह है।
मिरात-ए-सिकन्दरी की रचना सिकन्दर बिन मुहम्मद ने की थी। इसका संबंध गुजरात के इतिहास से है और इसमें मुस्लिम विजय से लेकर गुजरात सल्तनत के शासकों तथा 17वीं शताब्दी के प्रारम्भ तक की घटनाओं का विवरण मिलता है। प्रश्न में इसके विषय को ‘गुजरात विजय’ के रूप में दिया गया है। इसलिए A → 4 है।
यह ग्रंथ गुजरात सल्तनत, उसके शासकों और राजनीतिक घटनाओं के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण फारसी स्रोत है। इसका संकलन लगभग 1611 ई. में पूरा हुआ माना जाता है।
बुरहान-ए-मासिर की रचना सैयद अली तबातबा ने की थी। इसका संबंध दक्कन के इतिहास से है। इसमें बहमनी राज्य का इतिहास प्रस्तावना के रूप में दिया गया है और इसके बाद विशेष रूप से अहमदनगर के निजामशाही शासकों का विवरण मिलता है। इसलिए B → 2 है।
रियाज-उस-सलातिन बंगाल के इतिहास का प्रसिद्ध फारसी ग्रंथ है। इसकी रचना गुलाम हुसैन सलीम ने की थी। यह बंगाल के मुस्लिम शासन और वहाँ के विभिन्न शासकों तथा राजनीतिक घटनाओं के अध्ययन के लिए महत्त्वपूर्ण स्रोत है। इसलिए C → 1 है।
रियाज-उल-इंशा का संबंध बहमनी राज्य के प्रसिद्ध वजीर महमूद गवां से है। यह उसके पत्रों और correspondence का संग्रह है। इन पत्रों से उसकी व्यक्तिगत गतिविधियों, राजनीतिक संबंधों, सैन्य अभियानों और बहमनी दरबार की परिस्थितियों के बारे में जानकारी मिलती है। इसलिए D → 3 है।