Previous Year Question
औरंगजेब के शासनकाल की निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिये और उनको कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिये :
देवराई की लड़ाई
बनारस के पास शुजा की पराजय
सामूगढ़ की लड़ाई
धरमत में विजय
नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर का चयन कीजिये।
कूट :
4, 2, 1 और 3
1, 3, 4 और 2
3, 4, 2 और 1
2, 4, 3 और 1
Correct Answer: D
Detailed Solution
शाहजहाँ के सितम्बर 1657 ई. में गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बाद उसके पुत्रों—दारा शिकोह, शाह शुजा, औरंगजेब और मुराद बख्श—के बीच मुगल सिंहासन के लिए उत्तराधिकार संघर्ष शुरू हो गया।
इन घटनाओं में सबसे पहले बनारस के पास शाह शुजा की पराजय फरवरी 1658 ई. में हुई। शाह शुजा बंगाल से आगरा की ओर बढ़ा था। उसके विरुद्ध दारा शिकोह के पुत्र सुलेमान शिकोह के नेतृत्व में सेना भेजी गई, जिसमें मिर्जा राजा जयसिंह भी शामिल था।
शुजा की सेना को बहादुरपुर, बनारस के निकट, 14 फरवरी 1658 ई. को पराजित किया गया। इस प्रकार प्रश्न की घटना संख्या 2 सबसे पहले आती है।
इसके बाद 15 अप्रैल 1658 ई. को धरमत का युद्ध हुआ। इस युद्ध में औरंगजेब तथा मुराद बख्श की संयुक्त सेना का सामना शाहजहाँ की ओर से भेजी गई राजा जसवंत सिंह की सेना से हुआ। जसवंत सिंह पराजित हुए और औरंगजेब-मुराद के लिए आगरा की ओर बढ़ने का मार्ग खुल गया। इसलिए घटना संख्या 4 दूसरे स्थान पर है।
इसके बाद 29 मई 1658 ई. को सामूगढ़ का युद्ध हुआ। यहाँ दारा शिकोह ने स्वयं औरंगजेब और मुराद की संयुक्त सेना का सामना किया, लेकिन उसे निर्णायक पराजय मिली। इस विजय ने औरंगजेब को मुगल सत्ता पर नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में बहुत मजबूत स्थिति प्रदान की। इसलिए घटना संख्या 3 तीसरे स्थान पर आती है।
सबसे बाद में 1659 ई. में देवराई का युद्ध अजमेर के निकट अरावली क्षेत्र में हुआ। सामूगढ़ की पराजय के बाद दारा विभिन्न क्षेत्रों में समर्थन जुटाने का प्रयास करता रहा, लेकिन देवराई में उसकी सेना को फिर पराजित होना पड़ा।
देवराई का युद्ध दारा शिकोह और औरंगजेब के बीच उत्तराधिकार संघर्ष की अंतिम निर्णायक लड़ाइयों में था। इसके बाद दारा की राजनीतिक और सैनिक स्थिति लगभग समाप्त हो गई।
इस प्रकार सही कालक्रम है — बनारस के पास शुजा की पराजय (2) → धरमत में विजय (4) → सामूगढ़ की लड़ाई (3) → देवराई की लड़ाई (1)।