Previous Year Question
राजा रंजीत सिंह ने किस स्थान पर अदालत-ए-आला की स्थापना की?
अमृतसर
लाहौर
फिरोजपुर
मुल्तान
Correct Answer: B
Detailed Solution
महाराजा रंजीत सिंह ने लाहौर में अदालत-ए-आला (Adalat-i-Ala) की स्थापना की थी। यह उसके राज्य की उच्च न्यायिक संस्था थी और अधीनस्थ न्यायालयों के निर्णयों के विरुद्ध अपील सुनती थी।
रंजीत सिंह ने 1799 ई. में लाहौर पर अधिकार किया और बाद में इसे अपने राज्य की राजनीतिक राजधानी बनाया। उसके शासनकाल में लाहौर प्रशासन, सेना और न्याय-व्यवस्था का प्रमुख केन्द्र बन गया।
उसकी न्याय-व्यवस्था आधुनिक अर्थ में पूर्णतः संहिताबद्ध न्यायिक प्रणाली नहीं थी। न्याय करते समय स्थानीय रीति-रिवाजों और प्रथाओं को भी महत्त्व दिया जाता था।
ग्राम स्तर पर विवादों के निपटारे में पंचायतों की भूमिका थी। इसके ऊपर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की अदालतें थीं। कर्दार जिला अथवा स्थानीय स्तर पर तथा नाज़िम प्रांतीय स्तर पर न्यायिक कार्य भी करते थे।
इन अधीनस्थ अदालतों के निर्णयों के विरुद्ध अपील लाहौर की अदालत-ए-आला में की जा सकती थी। इस प्रकार अदालत-ए-आला राज्य की केंद्रीय उच्च अदालत के रूप में कार्य करती थी।
हालाँकि अदालत-ए-आला उच्च न्यायिक संस्था थी, लेकिन न्याय का अंतिम स्रोत स्वयं महाराजा रंजीत सिंह था। आवश्यकता पड़ने पर उसके समक्ष भी अपील और याचिकाएँ प्रस्तुत की जा सकती थीं।
अमृतसर रंजीत सिंह के राज्य का अत्यंत महत्त्वपूर्ण धार्मिक और व्यापारिक केन्द्र था, लेकिन अदालत-ए-आला वहाँ स्थापित नहीं की गई थी। इसी प्रकार फिरोजपुर और मुल्तान भी इसका स्थान नहीं थे।