Previous Year Question
नीचे दो कथन दिए गए हैं, जिनमें से एक को अभिकथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
अभिकथन (A) : मुगल साम्राज्य मूल रूप से एक सैनिक राज्य था।
कारण (R) : केन्द्रीय शासन व्यवस्था के विकास की प्राणशक्ति उसकी सैनिक शक्ति पर निर्भर थी।
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट :
(A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है।
(A) और (R) दोनों सत्य हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
(A) सत्य है, परन्तु (R) असत्य है।
(A) असत्य है, परन्तु (R) सत्य है।
Correct Answer: A
Detailed Solution
मुगल साम्राज्य की स्थापना और विस्तार मुख्यतः सैन्य विजय के माध्यम से हुआ। बाबर से लेकर अकबर तथा बाद के मुगल शासकों तक साम्राज्य के विस्तार और उसके विभिन्न क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए रखने में सेना की केंद्रीय भूमिका रही।
मुगल प्रशासन की सबसे महत्त्वपूर्ण संस्थाओं में से एक मनसबदारी व्यवस्था थी। मनसबदार केवल असैनिक अधिकारी नहीं थे; उनसे निश्चित संख्या में घुड़सवार सैनिक रखने की अपेक्षा भी की जाती थी। इस प्रकार प्रशासनिक पद और सैनिक दायित्व एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए थे।
मनसबदार के जात (Zat) पद से उसकी व्यक्तिगत हैसियत और वेतन का निर्धारण होता था, जबकि सवार (Sawar) पद उससे रखे जाने वाले घुड़सवारों की संख्या से संबंधित था।
मनसबदारों को वेतन नकद दिया जा सकता था अथवा उनके वेतन के बदले जागीर से राजस्व प्राप्त करने का अधिकार दिया जाता था। इस प्रकार राज्य की राजस्व व्यवस्था का एक बड़ा भाग सैनिक-अधिकारी वर्ग और उसकी सैन्य टुकड़ियों के रख-रखाव से भी जुड़ा था।
केन्द्रीय स्तर पर मीर बख्शी सैनिक प्रशासन का प्रमुख अधिकारी था। मनसबदारों की नियुक्ति, सैनिक टुकड़ियों की जाँच, घोड़ों और सैनिकों के सत्यापन तथा सैनिक वेतन से संबंधित कई कार्य उसके विभाग के अंतर्गत आते थे।
इसलिए मुगल साम्राज्य में केन्द्रीय शासन व्यवस्था की प्रभावशीलता राज्य की सैन्य शक्ति से अलग नहीं थी। शक्तिशाली सेना साम्राज्य के विस्तार, विद्रोहों के दमन और प्रांतीय क्षेत्रों पर केन्द्रीय नियंत्रण बनाए रखने का आधार थी।
इसी कारण मुगल साम्राज्य को मूल रूप से सैनिक राज्य कहने वाले अभिकथन की व्याख्या उसकी केन्द्रीय शासन व्यवस्था की सैन्य शक्ति पर निर्भरता से होती है।