JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2020

Previous Year Question

1687 में जब औरंगजेब ने गोलकुंडा किले पर अधिकार किया, उस समय गोलकुंडा का शासक कौन था ?

A.

अबुल हसन कुतुब शाह

B.

सिकन्दर आदिल शाह

C.

अली आदिल शाह II

D.

शायस्ता खान

Correct Answer: A

Detailed Solution

अबुल हसन कुतुब शाह, जिसे ताना शाह के नाम से भी जाना जाता है, गोलकुंडा के कुतुबशाही वंश का अंतिम शासक था। उसका शासनकाल 1672 से 1687 ई. तक रहा।

कुतुबशाही राज्य की राजधानी पहले गोलकुंडा थी और बाद में हैदराबाद प्रमुख राजनीतिक केन्द्र बना। 17वीं शताब्दी में यह राज्य हीरे, मोती, हथियारों के लिए इस्पात तथा वस्त्र व्यापार के कारण अत्यंत समृद्ध था।

औरंगजेब की दक्कन नीति का उद्देश्य बीजापुर और गोलकुंडा जैसे स्वतंत्र दक्कनी राज्यों को मुगल साम्राज्य में सम्मिलित करना था। 1686 ई. में बीजापुर पर अधिकार करने के बाद औरंगजेब ने अपना ध्यान गोलकुंडा की ओर केंद्रित किया।

औरंगजेब ने 1687 ई. में गोलकुंडा का घेरा डाला। किले ने कई महीनों तक मुगल सेना का सामना किया। गोलकुंडा की मजबूत किलेबंदी और पर्याप्त रसद के कारण मुगलों को आरम्भ में सफलता नहीं मिली।

अंततः 21 सितम्बर 1687 ई. को मुगल सेना गोलकुंडा किले में प्रवेश करने में सफल हुई। इसके साथ कुतुबशाही राज्य की स्वतंत्र सत्ता समाप्त हो गई और गोलकुंडा को मुगल साम्राज्य में मिला लिया गया।

अबुल हसन कुतुब शाह को बंदी बनाकर दौलताबाद के किले में रखा गया। इस प्रकार वह कुतुबशाही वंश का अंतिम शासक सिद्ध हुआ।

सिकन्दर आदिल शाह बीजापुर के आदिलशाही वंश का अंतिम शासक था, जबकि अली आदिल शाह II भी बीजापुर के आदिलशाही वंश से संबंधित था। शायस्ता खान मुगल अधिकारी था, गोलकुंडा का शासक नहीं।

अतः 1687 ई. में औरंगजेब द्वारा गोलकुंडा पर अधिकार किए जाने के समय वहाँ का शासक अबुल हसन कुतुब शाह था।

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