JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2020

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये तथा नीचे दिये गये कूट से सही उत्तर चुनिये—

  1. मुलतान के सूर्य मंदिर का उल्लेख ह्वेनसांग, अबूजैद, अल-मसूदी तथा अलबेरुनी ने किया है।

  2. सांबपुर यात्रोत्सव सूर्यपूजा से सम्बन्धित था।

कूट :

A.

केवल 1 सही है

B.

केवल 2 सही है

C.

1 और 2 दोनों सही हैं

D.

न तो 1 न ही 2 सही है

Correct Answer: C

Detailed Solution

प्राचीन और प्रारंभिक मध्यकाल में मुलतान का सूर्य मंदिर भारतीय उपमहाद्वीप के प्रसिद्ध सूर्य-पूजा केन्द्रों में था। इसकी ख्याति इतनी व्यापक थी कि अलग-अलग समय में भारत आने वाले यात्रियों और अरब-फारसी लेखकों ने इसका वर्णन किया।

चीनी यात्री ह्वेनसांग (Xuanzang) ने 7वीं शताब्दी में मुलतान की यात्रा के दौरान वहाँ स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर का उल्लेख किया। उसके विवरण में मंदिर, सूर्य की प्रतिमा तथा वहाँ आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का वर्णन मिलता है।

बाद में अबूजैद, अल-मसूदी और अलबेरुनी के विवरणों में भी मुलतान के सूर्य मंदिर का उल्लेख मिलता है। अलबेरुनी ने मुलतान की प्रसिद्ध प्रतिमा को सूर्य को समर्पित बताया और उसे आदित्य से संबंधित किया।

कथन 2 भी सही है। सांबपुर अथवा सांबपुरा का संबंध सूर्य-पूजा की परंपरा से था। पुराणिक परंपरा में कृष्ण के पुत्र सांब का सूर्य-उपासना से विशेष संबंध बताया गया है।

परंपरा के अनुसार सांब ने रोग से मुक्ति के लिए सूर्य की आराधना की और सूर्य मंदिर की स्थापना से उसका संबंध जोड़ा गया। सांबपुरा को मूलस्थान अर्थात मुलतान से भी संबंधित किया गया है, जो सूर्य-पूजा का एक प्रमुख केन्द्र था।

इस प्रकार मुलतान का सूर्य मंदिर यात्रियों और लेखकों के विवरणों में उल्लिखित था तथा सांबपुर की तीर्थ-परंपरा भी सूर्य-पूजा से जुड़ी हुई थी।

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