Previous Year Question
नीचे दो कथन दिये गये हैं, जिनमें एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है :
कथन (A) : हमें चोलों के विषय में उनके पूर्ववर्ती राजवंशों की अपेक्षा अधिक जानकारी है।
कारण (R) : चोल शासकों ने मंदिरों की दीवारों पर अभिलेख उत्कीर्ण करने का चलन प्रारम्भ किया जिनमें उनकी विजय के ऐतिहासिक विवरण दिये जाते थे।
नीचे दिये गये कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए।
कूट :
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
(A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(A) सत्य है परन्तु (R) गलत है
(A) गलत है परन्तु (R) सही है
Correct Answer: A
Detailed Solution
चोल काल के इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए बड़ी संख्या में अभिलेखीय स्रोत उपलब्ध हैं। विशेष रूप से राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम के शासनकाल से प्राप्त मंदिर अभिलेख राजनीतिक, प्रशासनिक, आर्थिक और धार्मिक गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं।
चोल शासकों ने अपने द्वारा निर्मित अथवा संरक्षित मंदिरों की दीवारों पर अभिलेख उत्कीर्ण करवाए। इनमें राजाओं की विजयों, उपाधियों, दान, भूमि-अनुदानों, करों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित विवरण दर्ज किए गए।
राजराज प्रथम और राजेंद्र प्रथम ने अपनी विजयों को स्मरणीय बनाने के लिए अनेक मंदिरों का निर्माण और संरक्षण किया। तंजावुर का बृहदीश्वर मंदिर चोल स्थापत्य का प्रमुख उदाहरण है और उससे जुड़े अभिलेख चोल शासन और समाज के अध्ययन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं।
इन अभिलेखों के कारण इतिहासकारों को चोल शासकों की राजनीतिक उपलब्धियों के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन, मंदिर व्यवस्था, भूमि-अनुदान और आर्थिक गतिविधियों के बारे में भी अपेक्षाकृत अधिक प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त होती है।
इसलिए यह कहना सही है कि चोलों के विषय में उनके अनेक पूर्ववर्ती राजवंशों की अपेक्षा अधिक जानकारी उपलब्ध है, और इसका एक प्रमुख कारण मंदिरों की दीवारों पर बड़ी संख्या में ऐतिहासिक अभिलेख उत्कीर्ण कराने की उनकी परंपरा है।