JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2019

Previous Year Question

मनसबदारी व्यवस्था के संदर्भ में, कौन-सा कथन सही है/हैं?

  1. मनसबदारी व्यवस्था राज्य के कुलीन वर्ग से संबंधित थी, जिसे अकबर ने प्रारंभ किया।

  2. मनसबदारी का पद पैतृक था।

नीचे दिए गए कूटों से सही उत्तर चुनिए :

A.

केवल 1

B.

1 और 2 दोनों

C.

केवल 2

D.

न तो 1 और न ही 2

Correct Answer: A

Detailed Solution

अकबर ने मुगल साम्राज्य की सैनिक और असैनिक सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए मनसबदारी व्यवस्था विकसित की। मनसबदार मुगल राज्य के अधिकारियों और कुलीन वर्ग का महत्त्वपूर्ण भाग थे तथा उनकी स्थिति सम्राट द्वारा प्रदान किए गए मनसब से निर्धारित होती थी।

मनसब का अर्थ पद, श्रेणी या दर्जा था। मुगल प्रशासन में मनसब किसी व्यक्ति की आधिकारिक स्थिति निर्धारित करता था। मनसबदारों को सैनिक तथा असैनिक दोनों प्रकार के दायित्व दिए जा सकते थे और आवश्यकता के अनुसार उनकी नियुक्ति एक विभाग से दूसरे विभाग में की जा सकती थी।

इस व्यवस्था को अकबर ने व्यवस्थित रूप प्रदान किया। मनसबदारों की विभिन्न श्रेणियाँ थीं और उच्च मनसब प्राप्त अधिकारियों को मुगल कुलीन वर्ग में महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। इसलिए कथन 1 सही है।

कथन 2 गलत है, क्योंकि मनसबदारी वंशानुगत या पैतृक नहीं थी। किसी मनसबदार की मृत्यु के बाद उसका मनसब स्वतः उसके पुत्र को प्राप्त नहीं होता था। नया मनसब प्रदान करना सम्राट के अधिकार में था।

इसी प्रकार मनसबदार को वेतन के बदले दी जाने वाली जागीर भी उसकी निजी पैतृक संपत्ति नहीं होती थी। जागीर राजस्व से वेतन प्राप्त करने का साधन थी और उसका स्थानांतरण किया जा सकता था।

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