Previous Year Question
1303 ई. में वारंगल में काकतीय शासकों की सेना ने किसकी सेना को पराजित किया था?
इल्तुतमिश की
बलबन की
अलाउद्दीन खिलजी की
मुहम्मद तुगलक की
Correct Answer: C
Detailed Solution
14वीं शताब्दी के प्रारंभ में दिल्ली सल्तनत ने दक्षिण भारत के समृद्ध राज्यों की ओर विस्तार शुरू किया। उस समय दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी था।
1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने वारंगल पर आक्रमण के लिए दिल्ली से एक सेना भेजी। उस समय वारंगल काकतीय वंश की राजधानी थी और उसका शासक प्रतापरुद्र द्वितीय था।
यह अलाउद्दीन का वारंगल के विरुद्ध पहला अभियान था। अभियान सफल नहीं हुआ और काकतीय सेना ने दिल्ली सल्तनत की सेना को पराजित कर दिया।
यहाँ 1303 और 1309–10 के अभियानों में अंतर समझना महत्वपूर्ण है। पहले अभियान की असफलता के बाद अलाउद्दीन ने पुनः काकतीय राज्य के विरुद्ध अभियान भेजा।
1309 ई. में मलिक काफूर को वारंगल के विरुद्ध भेजा गया। उसने वारंगल की घेराबंदी की और अंततः प्रतापरुद्र द्वितीय को संधि तथा दिल्ली को भारी धन-संपत्ति और वार्षिक कर देने के लिए बाध्य किया।
इसलिए 1303 में काकतीयों की विजय, जबकि 1309–10 में मलिक काफूर का सफल अभियान—इन दोनों घटनाओं को अलग रखना चाहिए।
मुहम्मद बिन तुगलक वाला विकल्प इसलिए भ्रमित कर सकता है क्योंकि बाद में 1323 ई. में उलुग खाँ, जो आगे चलकर मुहम्मद बिन तुगलक बना, ने वारंगल पर अंतिम सफल आक्रमण किया और काकतीय सत्ता समाप्त हो गई।
अर्थात कालक्रम है—
1303 — अलाउद्दीन की पहली सेना पराजित ✔
1309–10 — मलिक काफूर का सफल अभियान
1323 — उलुग खाँ द्वारा वारंगल पर अधिकार और काकतीय सत्ता का अंत