Previous Year Question
निम्नलिखित में से भूमि-राजस्व लगाने की कौन-सी प्रणाली अकबर के शासनकाल में दक्कन में प्रचलित थी?
कनकूत
हलों की संख्या
ज़ब्त
गल्ला-बख्शी
Correct Answer: B
Detailed Solution
अकबर के शासनकाल में पूरे मुगल साम्राज्य में भूमि-राजस्व निर्धारण की एक ही पद्धति लागू नहीं थी। स्थानीय कृषि परिस्थितियों और पहले से प्रचलित व्यवस्थाओं के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में अलग पद्धतियाँ जारी रहीं।
दक्कन के कुछ क्षेत्रों में पुरानी व्यवस्था के अंतर्गत राजस्व निर्धारण गाँव में मौजूद हलों की संख्या के आधार पर किया जाता था। प्रत्येक हल पर स्थानीय रूप से निर्धारित दर के अनुसार कर लगाया जाता था।
इस पद्धति में खेत के प्रत्येक हिस्से की वास्तविक माप अथवा प्रत्येक फसल की वास्तविक उपज को आधार बनाना आवश्यक नहीं था। सामान्यतः यह देखा जाता था कि किसान एक हल और बैलों की जोड़ी से कितनी भूमि जोत रहा है, और उसी आधार पर निर्धारित राशि ली जाती थी।
अकबर के समय बरार में नस्क व्यवस्था के प्रचलित होने का उल्लेख मिलता है। दक्कन में इसकी पुरानी स्थानीय प्रकृति को हलों की संख्या के आधार पर राजस्व लगाने की व्यवस्था से जोड़ा गया है।
इसके विपरीत ज़ब्त में भूमि की माप, फसल और निर्धारित राजस्व-दरों का अधिक व्यवस्थित उपयोग किया जाता था। यह विशेष रूप से उत्तर भारत के प्रमुख क्षेत्रों में विकसित हुआ।
गल्ला-बख्शी फसल के वास्तविक उत्पादन को राज्य और कृषक के बीच बाँटने की व्यवस्था थी, जबकि कनकूत में भूमि की माप और अनुमानित उपज के आधार पर राज्य का हिस्सा निर्धारित किया जाता था।
इस प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति भी की गई थी, लेकिन उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर UPPSC का उत्तर (b) ‘Number of ploughs’ सही माना गया।