JAGTIV · Previous Year Questions

UPPSC

HISTORY · 2016

Previous Year Question

‘भारतीय गौरव (यश) का अन्तिम सूर्य’ किसके लिये प्रयुक्त हुआ?

A.

शिवाजी

B.

पृथ्वीराज

C.

राणा प्रताप

D.

हेमू

Correct Answer: B

Detailed Solution

यह प्रश्न साधारण तथ्यात्मक प्रश्न नहीं है, क्योंकि UPPSC की उत्तर-कुंजी को लेकर स्वयं विवाद हुआ था और मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुँचा था।

UPPSC ने अपनी प्रारंभिक उत्तर-कुंजी में विकल्प (a) शिवाजी को सही माना था। अभ्यर्थियों की आपत्तियों पर विचार करने के बाद आयोग ने उत्तर बदलकर विकल्प (b) पृथ्वीराज कर दिया।

आयोग ने पृथ्वीराज को सही मानने के लिए एक मध्यकालीन भारतीय इतिहास की पुस्तक पर भरोसा किया, जिसमें पृथ्वीराज के लिए ‘भारतीय यश का अंतिम सूर्य’ जैसी अभिव्यक्ति प्रयुक्त थी।

लेकिन न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ ने एक महत्वपूर्ण आपत्ति दर्ज की—समकालीन दरबारी इतिहासकारों में पृथ्वीराज के लिए ऐसी उपाधि का उल्लेख नहीं मिलता। आधुनिक विद्वत साहित्य में भी पृथ्वीराज को अंतिम महान/गौरवशाली हिन्दू सम्राट जैसी व्याख्या मिलती है, लेकिन ठीक “Last Sun of Indian Glory” शब्द ऐतिहासिक रूप से स्थापित औपचारिक उपाधि नहीं है।

न्यायालय ने भी ऐसे अस्पष्ट प्रश्न बनाने से बचने की सलाह दी, लेकिन चूँकि आयोग द्वारा प्रस्तुत कम-से-कम एक इतिहास-पुस्तक में यह अभिव्यक्ति पृथ्वीराज के लिए दी गई थी, इसलिए न्यायालय ने UPPSC के अंतिम उत्तर (b) पृथ्वीराज को स्वीकार किया।

पृथ्वीराज चौहान, जिन्हें पृथ्वीराज III भी कहा जाता है, चाहमान/चौहान वंश के शासक थे और अजमेर तथा दिल्ली क्षेत्र से जुड़े थे।

उन्होंने 1191 ई. के तराइन के प्रथम युद्ध में मुहम्मद गोरी को पराजित किया, लेकिन 1192 ई. के तराइन के द्वितीय युद्ध में पराजित हुए। इस दूसरी लड़ाई के बाद उत्तर भारत की राजनीतिक शक्ति-संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन आया।

इसलिए इस प्रश्न को पढ़ते समय इसे किसी सर्वमान्य ऐतिहासिक उपाधि की तरह नहीं, बल्कि UPPSC की अंतिम संशोधित उत्तर-कुंजी के अनुसार पृथ्वीराज से संबंधित अभिव्यक्ति के रूप में समझना अधिक सही होगा।

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