Previous Year Question
‘एक गुलाम का गुलाम’ किसे कहा जाता था?
मुहम्मद गोरी
कुतुबुद्दीन ऐबक
बलबन
इल्तुतमिश
Correct Answer: D
Detailed Solution
इल्तुतमिश को इतिहास में ‘गुलाम का गुलाम’ कहा गया है। इसके पीछे उसकी प्रारंभिक जीवन-स्थिति और दिल्ली सल्तनत की गुलाम परंपरा थी।
इल्तुतमिश मूलतः इल्बरी तुर्क था। कम आयु में उसे दास के रूप में बेचा गया। बाद में व्यापारी जमालुद्दीन उसे गजनी ले गया और अंततः वह दिल्ली में कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा खरीदा गया।
कुतुबुद्दीन ऐबक स्वयं पहले मुहम्मद गोरी का गुलाम रहा था। इस प्रकार इल्तुतमिश ऐसे व्यक्ति का गुलाम बना जो स्वयं कभी गुलाम था—इसी कारण उसके लिए “slave of a slave” अभिव्यक्ति प्रयुक्त हुई।
इल्तुतमिश ने अपनी योग्यता और सैन्य क्षमता से ऐबक का विश्वास प्राप्त किया। बाद में उसे गुलामी से मुक्त किया गया, महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद दिए गए और वह बदायूँ का गवर्नर बना। ऐबक ने उससे अपनी पुत्री का विवाह भी किया।
कुतुबुद्दीन ऐबक की मृत्यु के बाद राजनीतिक संघर्ष के बीच इल्तुतमिश ने 1211 ई. में दिल्ली का सिंहासन प्राप्त किया और लगभग 1236 ई. तक शासन किया।
हालाँकि उसकी शुरुआत एक गुलाम के रूप में हुई थी, लेकिन उसने दिल्ली सल्तनत को संगठित और मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उसे प्रायः दिल्ली सल्तनत का वास्तविक सुदृढ़कर्ता माना जाता है। उसने केंद्रीय शासन को मजबूत किया, इक्ता व्यवस्था को व्यवस्थित किया तथा चाँदी का टंका और ताँबे का जीतल प्रचलित किया।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि सिंहासन पर बैठने से पहले इल्तुतमिश दासता से मुक्त हो चुका था। इसलिए ‘गुलाम का गुलाम’ उसकी उत्पत्ति को बताने वाली ऐतिहासिक अभिव्यक्ति है, न कि यह कि वह सुल्तान रहते हुए किसी का गुलाम था।