Previous Year Question
निम्नलिखित में से किसने ‘हिरण्यगर्भ’ नामक अनुष्ठान किया था?
मयूर शर्मन
हरिचन्द्र
दन्तिदुर्ग
हर्ष
Correct Answer: C
Detailed Solution
दन्तिदुर्ग राष्ट्रकूट वंश की साम्राज्यवादी शक्ति का वास्तविक संस्थापक माना जाता है। प्रारम्भ में राष्ट्रकूट बादामी चालुक्यों के सामंत थे, लेकिन दन्तिदुर्ग ने 8वीं शताब्दी में अपनी शक्ति बढ़ाकर चालुक्य प्रभुत्व को समाप्त किया।
उससे संबंधित अभिलेखीय परंपरा में उल्लेख मिलता है कि उसने उज्जयिनी में हिरण्यगर्भ अनुष्ठान किया था।
हिरण्यगर्भ एक महत्वपूर्ण राजकीय महादान था। इसका शाब्दिक अर्थ ‘स्वर्ण गर्भ’ है। इस अनुष्ठान में राजा के प्रतीकात्मक पुनर्जन्म की धारणा जुड़ी थी और इसका उपयोग उसकी उच्च राजकीय तथा सामाजिक प्रतिष्ठा को वैधता प्रदान करने के लिए किया जाता था।
बाद के राष्ट्रकूट अभिलेख में वर्णन मिलता है कि दन्तिदुर्ग द्वारा उज्जयिनी में हिरण्यगर्भ दान किए जाने के समय गुर्जर नरेश और अन्य राजा प्रतिहार अर्थात द्वारपाल के रूप में उपस्थित थे।
यह उल्लेख केवल धार्मिक अनुष्ठान का वर्णन नहीं था; इसका राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण था। इससे दन्तिदुर्ग को एक ऐसे सार्वभौम शासक के रूप में प्रस्तुत किया गया जिसके सामने अन्य शासक अधीनस्थ स्थिति में दिखाई देते हैं।
लगभग 752 ई. के आसपास उसने चालुक्य सत्ता को परास्त कर दक्कन में राष्ट्रकूट प्रभुत्व स्थापित किया। 754 ई. के सामनगढ़ ताम्रपत्र भी उसकी बढ़ती साम्राज्यवादी शक्ति के महत्वपूर्ण प्रमाण हैं।