Previous Year Question
दक्षिण भारत के पॉलीगर कौन थे?
साधारण जमींदार
महाजन
प्रादेशिक प्रशासनिक तथा सैन्य अधिकारी
नव-समृद्ध व्यापारी
Correct Answer: C
Detailed Solution
दक्षिण भारत में पॉलीगर स्थानीय शक्तिशाली सरदार थे। तमिल क्षेत्र में इन्हें पालैयक्कारर, कन्नड़ में पालेगार और तेलुगु में पालेगाडु कहा जाता था।
इनके अधीन क्षेत्र को सामान्यतः पालैयम कहा जाता था। ये केवल भूमि से राजस्व प्राप्त करने वाले साधारण जमींदार नहीं थे, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रशासन, राजस्व-संग्रह, कानून-व्यवस्था और सैन्य सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाते थे।
पॉलीगर अपने क्षेत्रों में सैनिक रखते थे और आवश्यकता पड़ने पर अपने उच्च शासक—विशेषकर नायक शासकों—को सैन्य सहायता देते थे। जंगलों, सड़कों और स्थानीय क्षेत्रों की सुरक्षा में भी उनका उपयोग किया जाता था।
कई पॉलीगर बहुत बड़े भूभाग और अनेक गाँवों पर नियंत्रण रखते थे। शक्तिशाली पॉलीगरों के पास अपनी सैन्य टुकड़ियाँ और स्थानीय प्रशासनिक संरचना भी होती थी।
विजयनगर साम्राज्य और बाद में नायक राज्यों के कमजोर होने पर कुछ पॉलीगर इतने शक्तिशाली हो गए कि उनके पालैयम लगभग छोटी स्वतंत्र रियासतों की तरह कार्य करने लगे।
इसलिए इन्हें केवल साधारण जमींदार कहना अधूरा होगा। प्रश्न के विकल्पों में उनका स्वरूप सबसे ठीक प्रादेशिक प्रशासनिक तथा सैन्य अधिकारी/सरदार के रूप में व्यक्त किया गया है।