Previous Year Question
मुगल सम्राट जहाँगीर ने ‘इंग्लिश-खाँ’ की उपाधि किसे प्रदान की थी?
अल्बुकर्क
फ्रांसिस्को अल्मीडा
विलियम हॉकिन्स
हेनरी द नेविगेटर
Correct Answer: C
Detailed Solution
कैप्टन विलियम हॉकिन्स अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रारंभिक प्रतिनिधियों में था। वह 1608 ई. में ‘Hector’ नामक जहाज से सूरत पहुँचा और इंग्लैंड के राजा जेम्स प्रथम का पत्र लेकर मुगल सम्राट जहाँगीर के दरबार में गया।
हॉकिन्स तुर्की भाषा जानता था, इसलिए वह जहाँगीर से सीधे संवाद कर सकता था। वह कुछ समय तक मुगल दरबार में रहा और सम्राट के साथ उसके निकट संपर्क विकसित हुए।
जहाँगीर ने हॉकिन्स को विशेष सम्मान दिया और उसे ‘इंग्लिश-खाँ’ अथवा ‘Inglis Khan’ कहा। उसे लगभग 400 सवार का मनसब देने का प्रस्ताव भी किया गया था।
हॉकिन्स का मुख्य उद्देश्य अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए सूरत में स्थायी व्यापारिक सुविधाएँ और factory स्थापित करने की अनुमति प्राप्त करना था। प्रारंभ में उसे जहाँगीर से समर्थन मिला, लेकिन पुर्तगाली प्रभाव के कारण यह अनुमति स्थिर नहीं रह सकी।
यहाँ अन्य विकल्पों को अलग रखना उपयोगी है। फ्रांसिस्को डी अल्मीडा और अफोंसो डी अल्बुकर्क पुर्तगाली अधिकारी थे और भारत में पुर्तगाली शक्ति के प्रारंभिक विस्तार से जुड़े थे। हेनरी द नेविगेटर 15वीं शताब्दी का पुर्तगाली राजकुमार था और वह जहाँगीर का समकालीन भी नहीं था।
इसलिए जहाँगीर द्वारा ‘इंग्लिश-खाँ’ कहे जाने वाला अंग्रेज प्रतिनिधि विलियम हॉकिन्स था।