Previous Year Question
औरंगजेब ने ‘साहिबत-उज़-ज़मानी’ की उपाधि किसे प्रदान की थी?
शाइस्ता खाँ
अमीन खाँ
जहाँआरा
रोशनआरा
Correct Answer: C
Detailed Solution
जहाँआरा बेगम मुगल सम्राट शाहजहाँ और मुमताज महल की सबसे बड़ी जीवित पुत्री तथा औरंगजेब की बड़ी बहन थीं।
1631 ई. में मुमताज महल की मृत्यु के बाद जहाँआरा मुगल शाही परिवार की अत्यंत प्रभावशाली महिला बन गईं। उन्हें पादशाह बेगम का उच्च पद प्राप्त हुआ और शाही परिवार तथा दरबार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उत्तराधिकार युद्ध में जहाँआरा ने अपने भाई दारा शिकोह और पिता शाहजहाँ का समर्थन किया था। औरंगजेब के सत्ता में आने के बाद प्रारम्भ में उनकी राजनीतिक स्थिति प्रभावित हुई, लेकिन बाद में दोनों के संबंध सुधर गए।
शाहजहाँ की मृत्यु के बाद जहाँआरा पुनः शाही परिवार में उच्च स्थान पर पहुँचीं और औरंगजेब के शासनकाल में उन्हें विशेष सम्मान मिला। परीक्षा-परंपरा में ‘साहिबत-उज़-ज़मानी’ अर्थात ‘युग की स्वामिनी/Lady of the Age’ की उपाधि औरंगजेब द्वारा जहाँआरा को प्रदान किए जाने से जोड़ी जाती है।
जहाँआरा का सूफी परंपरा से भी गहरा संबंध था। वे विशेष रूप से चिश्ती सिलसिले से प्रभावित थीं और उन्होंने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती पर एक जीवनीपरक ग्रंथ भी लिखा।
उनकी मृत्यु 1681 ई. में दिल्ली में हुई और उन्हें निजामुद्दीन औलिया की दरगाह परिसर में दफनाया गया। उनका मकबरा अपनी अत्यंत सरल बनावट के लिए प्रसिद्ध है।
हालाँकि एक ऐतिहासिक सावधानी आवश्यक है। उपलब्ध विद्वत स्रोतों में इस उपाधि के समय को लेकर मतभेद मिलता है। कुछ विवरण इसे शाहजहाँ के समय, मुमताज महल की मृत्यु के बाद, जहाँआरा से जोड़ते हैं; अन्य विवरण इसे औरंगजेब द्वारा बाद में अथवा उनकी मृत्यु के बाद दिए गए सम्मान के रूप में बताते हैं।
इसलिए प्रश्न का व्यक्ति वाला भाग स्पष्ट है—जहाँआरा, लेकिन उपाधि कब और किस चरण में प्रदान हुई, इस पर स्रोत पूरी तरह एकमत नहीं हैं।